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'कोड में बात करते थे लाल किला ब्लास्ट के आरोपी इसलिए...', NIA पहुंची कोर्ट; रिमांड बढ़ाने की मांग

'कोड में बात करते थे लाल किला ब्लास्ट के आरोपी इसलिए...', NIA पहुंची कोर्ट; रिमांड बढ़ाने की मांग

संक्षेप:

दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में सभी आरोपी राष्ट्रीय जांच एजेंसी की कस्टडी में हैं। एनआईए ने इन सभी की कस्टडी बढ़ाने की मांग की है। एनआईए ने कस्टडी बढ़ाने की मांग पटियाला हाउस कोर्ट के सामने रखी।

Jan 15, 2026 01:25 pm ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, दिल्ली
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दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में सभी आरोपी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कस्टडी में हैं। एनआईए ने इन सभी की कस्टडी बढ़ाने की मांग की है। एनआईए ने कस्टडी बढ़ाने की मांग पटियाला हाउस कोर्ट के सामने रखी। कोर्ट ने एनआईए को 16 जनवरी तक की कस्टडी दे दी है। एनआईए ने कहा कि जांच के सिलसिले में आरोपियों से पूछताछ करनी है।

NIA ने क्या बताई वजह

एनआईए ने लाल किला ब्लास्ट टेरर मॉड्यूल केस में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ करने के लिए कस्टडी बढ़ाने की मांग की है। एनआईए ने कोर्ट को बताया कि ये सभी कोड वर्ड में बात करते थे, जिसे समझने और उनसे पूछताछ करने के लिए रिमांड चाहिए। इस पर कोर्ट ने एनआईए को 3 दिन की रिमांड दे दी है।

पटियाला हाउस कोर्ट की प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज अंजू के सामने जमा किए गए रिमांड पेपर में एनआईए ने कहा कि ऊपर बताए गए आरोपियों से कस्टडी में पूछताछ करने की जरूरत है, ताकि कोड वर्ड और अन्य आपत्तिनक चीजों के बारे में पता चल सके। एनआईए ने कहा कि आरोपियों के पास से बरामद किए गए डिवाइस की फोरेंसिक जांच और पिछले पुलिस कस्टडी के दौरान बरामद किए गए डाटा के बारे में भी आरोपियों से पूछताछ करनी है।

इस मामले पर जज चांदना कहा कि एनआईए को दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में आरोपी मुफ्ती इरफान अहमद वागे, जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश, डॉ. अदील राथर, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुजम्मिल शकील गनी की तीन दिन की कस्टडी 16 जनवरी तक के लिए दी जाती है।

बता दें कि एनआईए ने लाल किला ब्लास्ट मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पिछले 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक हुंडई आई20 कार में धमाका हुआ था, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल भी हुए थे।

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


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