
दिल्ली के रिहायशी इलाके में कचरा डंपिंग पर एनजीटी नाराज, DPCC और MCD को फटकार
एनजीटी ने राष्ट्रीय राजधानी के एक रिहायशी इलाके में खाली प्लॉट में लगातार कचरा डंपिंग किए जाने की शिकायत पर डीपीसीसी और एमसीडी को कड़ी फटकार लगाई है। एनजीटी ने पहले भी दोनों को कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और एमसीडी को राष्ट्रीय राजधानी के एक रिहायशी इलाके में खाली प्लॉट में लगातार कचरा डंपिंग किए जाने की शिकायत पर ऐक्शन में विफल रहने पर कड़ी फटकार लगाई है। एनजीटी ने डीपीसीसी और एमसीडी की लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की है। एनजीटी ने पहले भी शिकायत पर ऐक्शन के निर्देश दिए थे।
एनजीटी ने कहा कि पहले दिए गए निर्देशों का पालन नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेष सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने नोट किया कि आदेशों का अनुपालन न होना गंभीर लापरवाही है। याचिका में शामिल सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है।
एनजीटी की मुख्य पीठ ने कहा कि 21 मई के अपने पिछले आदेश में जारी निर्देशों के बाद भी डीपीसीसी और एमसीडी की ओर से उपचारात्मक उपाय नहीं किए गए। संदीप चौधरी नाम के शख्स ने याचिका में अपने घर के सामने एक खाली प्लॉट में कचरा डाले जाने की शिकायत की थी। उनका कहना था कि इससे इलाके में गंभीर स्वास्थ्य संबंधी खतरा पैदा हो रहा है।
संदीप ने शिकायत में बताया था कि उनके घर के सामने स्थित खाली प्लॉट पर कूड़े के ढेर हैं। इससे दुर्गंध आ रही है। यही नहीं इसमें मच्छर, चूहे और अन्य कीटों के पनपने के कारण स्थानीय निवासियों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। एनजीटी ने याचिका पर डीपीसीसी और एमसीडी को उस जगह की सफाई करने को कहा था।
एनजीटी ने ऐसी घटनाओं को दोबारा रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। मामले में डीपीसीसी की ओर से बीते 14 जुलाई को एक रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसमें कहा गया था कि उसकी ओर से 23 जून को एमसीडी को पत्र लिखकर ट्रिब्यूनल के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया था।
डीपीसीसी का कहना था कि पत्र लिखे जाने के बावजूद कोई कार्रवाई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई। यह देखते हुए कि उसके पहले के आदेश का अभी तक पालन नहीं किया गया है बेंच ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। मामले की अगली तारीख 20 जनवरी 2026 को दी गई है।





