खाटू श्याम जाने वाले भक्तों के लिए खुशखबरी, रेवाड़ी से रींगस के लिए नई ट्रेन आज से
खाटू श्याम के दर्शनों के लिए जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सोमवार दिल्ली-रेवाड़ी-रींगस रूट पर एक नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। इस नई ट्रेन के शुरू होने से रेवाड़ी, पटौदी, गुड़गांव, नारनौल और अटेली क्षेत्र के श्रद्धालुओं को फायदा मिलेगा।

खाटू श्याम के दर्शनों के लिए जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सोमवार दिल्ली-रेवाड़ी-रींगस रूट पर एक नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। इस नई ट्रेन के शुरू होने से रेवाड़ी, पटौदी, गुड़गांव, नारनौल और अटेली क्षेत्र के श्रद्धालुओं को इसका फायदा मिलेगा।
खाटू श्याम जाने वाले भक्तों की तरफ से इस रूट पर नई ट्रेन चलाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी, जिसे अब केंद्रीय मंत्री के विशेष प्रयासों के बाद रेलवे द्वारा पूरा किया जा रहा है। इस नई ट्रेन के शुरू होने से रेवाड़ी, पटौदी, गुड़गांव, नारनौल और अटेली क्षेत्र के श्रद्धालुओं को इसका फायदा मिलेगा।
रेलवे से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वर्तमान में ट्रेन संख्या 74001/74004 दिल्ली और रेवाड़ी के बीच एक दैनिक सेवा के रूप में चल रही है। अब इसी ट्रेन का विस्तार रींगस तक कर दिया गया है। रूट बढ़ाए जाने के बाद निर्धारित दिनों में यह सेवा दिल्ली और रींगस के बीच नए ट्रेन नंबर 74041/74042 (दिल्ली-रींगस-दिल्ली द्वि-साप्ताहिक पैसेंजर) के रूप में दौड़ेगी। वर्तमान में रेवाड़ी से रींगस रूट पर करीब 24 ट्रेनों का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
हजारों यात्रियों को सीधा फायदा
नई ट्रेन सेवा शुरू होने से न केवल दिल्ली, गुड़गांव और रेवाड़ी के यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि अटेली और नारनौल के रास्ते में आने वाले तमाम स्टेशनों के यात्रियों को भी रींगस तक सीधा जुड़ाव मिल जाएगा। खाटू श्याम जी जाने वाले श्रद्धालुओं को एक और विकल्प मिल सकेगा।
शनिवार-रविवार को खाटू श्याम के लिए रवाना होगी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह नई पैसेंजर ट्रेन सप्ताह में दो दिन चलाई जाएगी। इसके तहत दिल्ली से यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार और रविवार को रींगस के लिए रवाना होगी। वहीं, वापसी दिशा में रींगस से यह ट्रेन प्रत्येक रविवार और सोमवार को दिल्ली के लिए अपनी यात्रा शुरू करेगी। द्वि-साप्ताहिक होने के कारण वीकेंड पर खाटू श्याम जाने वाले कामकाजी लोगों और परिवारों को इससे सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


