
रूस के साथ युद्ध में निर्णायक साबित हो सकती हैं टॉमहॉक मिसाइलें
संक्षेप: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के दौरान टॉमहॉक मिसाइलें मांगी हैं। इन मिसाइलों से यूक्रेन की सेना को ताकत मिलेगी और वह रूस के अंदर सैन्य...
ट्रंप के साथ वार्ता में जेलेंस्की ने इन मिसाइलों को देने पर चर्चा की यूक्रेन को मिला तो वह रूस के कई मिलिट्री ठिकानों को निशाना बना सकता है नई दिल्ली, एजेंसी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान टॉमहॉक मिसाइलें मांगी हैं। रूस के साथ चल रहे युद्ध में ये मिसाइलें निर्णायक साबित हो सकती हैं। इन मिसाइलों के मिलने से यूक्रेन की सेना को काफी ताकत मिल जाएगी। इससे वह रूस के अंदर सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकेगा। सटीक निशाने का अचूक हथियार है टॉमहॉक औसत रेंज: 1600 किलोमीटर कुछ वैरिएंट 2500 किलोमीटर तक के हैं) गति 800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार लंबाई 20 फीट चौड़ाई: 8.5 फीट चौड़ा विंगस्पैन वजन 1510 किलोग्राम अमेरिकी सैन्य शक्ति का मुख्य आधार टॉमहॉक क्रूज मिसाइल एक सबसोनिक हथियार है, जो अपनी असाधारण सटीकता, कम ऊंचाई वाली उड़ान और बहुमुखी प्रतिभा के लिए जानी जाती है।

लगातार अपग्रेड ने इसकी क्षमताओं को बढ़ाया है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए यह प्रमुख हथियार बन गया है। -1972 में मिसाइल बनना शुरू हुआ -1983 में पहली तैनाती 8959 मिसाइल अबतक अमेरिका ने बनाए हैं 6609 जिंदा मिसाइल 2350 मिसाइल फायर किए गए एक मिसाइल की लागत 13 लाख डॉलर कई प्रमुख सैन्य अभियानों का हिस्सा रही मिसाइल 1991: ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म, इराक 2001: ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम, अफगानिस्तान 2003: ऑपरेशन इराकी फ्रीडम, इराक 2025: ऑपरेशन मिडनाइट हैमर, ईरान जमीन,जहाज, पनडुब्बी कहीं से भी लॉन्च संभव इस मिसाइल को सबमरीन, जहाज या जमीनी प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जा सकता है। मिसाइल परमाणु हथियारों को ले जाने में भी सक्षम है। क्रूज मोड में, यह जमीन के पास उड़ता है, जिससे रडार से इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। यह अत्यधिक गतिशील है और लक्ष्य तक पहुंचने के रास्ते में दुश्मन के वायु रक्षा प्रणालियों, जमीनी या अन्य बाधाओं से बचने के लिए बीच हवा में ही अपना मार्ग बदलने में सक्षम है। यूक्रेन मॉस्को तक कर सकेगा हमला मिसाइल की लंबी दूरी की क्षमता की वजह से यूक्रेनी सेना रूसी क्षेत्र के अंदर तक गहराई में स्थित महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हमला करने में सक्षम हो जाएगी। संभवतः मॉस्को और उससे भी आगे तक हमला करने में यूक्रेन की सेना सक्षम हो जाएगी। टॉमहॉक तक पहुंच होने पर, कीव (यूक्रेन) कम से कम 1655 रणनीतिक स्थानों को निशाना बना सकता है, जिसमें 67 रूसी एयर बेस शामिल हैं। रूस ने दी है चेतावनी मॉस्को ने पहले भी वॉशिंगटन को कीव को लंबी दूरी की मिसाइलें सप्लाई करने के खिलाफ चेतावनी दी थी, और कहा था कि ऐसा करने से लड़ाई काफी बढ़ जाएगी और यूएस-रूस के रिश्तों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

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