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नई दिल्ली

महिला को 23वें सप्ताह में गर्भपात की अनुमति मिली

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 05:20 PM
महिला को 23वें सप्ताह में गर्भपात की अनुमति मिली

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक महिला को उसके गर्भ में पल रहे मानसिक विकृति से पीड़ित 23 सप्ताह के जुड़वा भ्रूण का गर्भपात कराने की अनुमति दे दी। न्यायालय ने एम्स की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करने के बाद यह आदेश दिया है।

एम्स द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि महिला के गर्भ में जुड़वां भ्रूण असामान्यताओं से पीड़ित हैं। यदि इसे जन्म दिया गया तो लंबे समय तक विकास संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। जस्टिस रेखा पल्ली के समक्ष पेश इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी गर्भपात करने पर महिला को किसी तरह का जोखिम नहीं होगा। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद महिला को गर्भपात की अनुमति दे दी गई।

मामले की सुनवाई के दौरान महिला और उसके पति वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए मौजूद रहे। उन्होंने न्यायालय को बताया कि वे गर्भपात से जुड़े जोखिमों से अवगत हैं। पिछले सप्ताह महिला ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर गर्भपात की अनुमति मांगी थी। महिला ने याचिका में कहा था कि उसका जुड़वां भ्रूण ‘डैंडी वॉकर विकृति से पीड़ित है। महिला की याचिका पर उच्च न्यायालय ने एम्स को मेडिल बोर्ड गठित करने और महिला की जांच के बाद रिपोर्ट पेश करने को कहा था।

महिला ने अपनी याचिका में कहा था कि उसे 28 अप्रैल को पता चला कि उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चे मानसिक विकृति से गुजर रहे हैं। उन्होंने न्यायालय को बताया था कि उसके डॉक्टर ने पहले ही इस बात की आशंका जताई थी, लेकिन पूरी रिपोर्ट का इंतजार किया था। दंपति ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद पता चला कि यह काफी दुर्लभ बीमारी है, जो ठीक नहीं हो सकता। इस बीमारी में बच्चे का विकास नहीं होता और वह कभी सामान्य नहीं हो पाता है।

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