
भारत के नागरिक विमानन क्षेत्र में रूस तलाश रहा बड़ी संभावनाएं
हैदराबाद में विंग्स इंडिया 2026 का आयोजन हो रहा है, जिसमें रूस ने तीन नागरिक विमानों का प्रदर्शन किया। इन विमानों में एसजे-100, आईएल-114-300 और ऑरस शामिल हैं। एचएएल के सीएमडी ने बताया कि अगले तीन वर्षों में भारत में विमान निर्माण शुरू होगा। इसके अलावा, पांच तेजस विमानों की तैयारी भी की गई है।
हैदराबाद। विंग्स इंडिया 2026 में एयरोस्पेस उद्योग से जुड़ी दुनिया की तमाम दिग्गज कंपनियां शामिल हुई हैं। बुधवार से हैदराबाद बेगमपेट हवाई अड्डे पर आयोजित विंग्स इंडिया में बड़ी संभावनाओं को देखते हुए रूस ने अपनी उपस्थिति मजबूत तरीके दर्ज कराई है। रूस की तरफ से तीन नागरिक विमान प्रदर्शित किए गए हैं, जिसमें एसजे-100, आईएल-114-300 और ऑरस शामिल हैं। रूस का मामना है कि भारत में विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। खासकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से भारत में बड़ी संभावनाएं है। इन संभावनाओं के बीच विमानों की जरूरत पूरा करने के लिए रूस-भारत का बड़ा साझेदार बन सकता है, जिसकी शुरूआत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड व रूस की कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन के बीच एसजे-100 विमान को लेकर बीते वर्ष अक्तूबर में समझौते हो चुके हैं।
अब इस विमानों को विंग्स इंडिया में प्रदर्शित किया गया है। अगले तीन वर्षों में भारत में निर्माण शुरू होगा इस मौके पर एचएएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डॉ. डीके सुनील ने कहा कि इस विमान का अगले तीन वर्षों में भारत के अंदर निर्माण शुरू होगा। नासिक में विमान का उत्पादन होगा, जबकि कानपुर में सपोर्ट बेस से विमान के निर्माण में मदद मिलेगी। उससे पहले अगले एक से दो वर्ष में 10-20 विमानों को लीज पर लिए जाने की तैयारी है। यह विमान क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की जरूरतों को पूरा करेगा। उन्होंने बताया कि 103 यात्रियों की क्षमता वाला विमान आधुनिक पीडी-8 इंजन से लैस है। विमान भारत की गर्मी और धूल भरे माहौल में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए डिजाइन है। उड़ान स्कीम के तहत एसजे-100 विमान कारगर साबित होगा। --------------- दो अन्य विमानों को भी किया गया प्रदर्शित रूस की विमान कंपनियों ने दो अन्य नागरिक विमानों को भी प्रदर्शित किया है जो छोटे मार्गों पर चलने में उपयुक्त है। खासकर ऐसी हवाई पट्टी एवं रनवे जो छोटे हैं। रूस द्वारा प्रदर्शित आईएल-114-300 कुल 64 सीटों वाला टर्बोप्रॉप विमान है। यह विमान छोटे रनवे पर भी उतरने में सक्षम है। करीब 1000 किलोमीटर की दूरी तक 52 यात्रियों के साथ मिश्रित कॉन्फ़िगरेशन में उड़ान भर सकता है। इस विमान को खासतौर पर छोटे शहरों और कस्बों के लिए बनाया गया है। इसी तरह से ऑरस बिजनेस जेट सुखोई सुपरजेट 100 (एसएसजे 100) का एक अत्याधुनिक और लग्जरी संस्करण है। इसका इस्तेमाल लग्जरी विमान सेवा मुहैया कराने के लिए किया जा सकता है। --------------- पांच तेजस तैयार, सेना से बातचीत के बाद होंगे शामिल विंग्स इंडिया के दौरान एचएएल के सीएमडी डॉ. डीके सुनील ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि पांच तेजस विमान तैयार हैं। इन विमानों के फायरिंग और मिसाइल परीक्षण पूरे हो चुके हैं। कंपनी चालू वित्त वर्ष के भीतर इन पांच विमानों को स्वीकार करने के लिए भारतीय वायु सेना से संपर्क करेगी। भारतीय वायु सेना लंबे समय से तेजस एमके1ए जेट विमानों का इंतजार कर रही है क्योंकि इनकी डिलीवरी में देरी हो रही है। --------- 10 ध्रुव एनजी खरीदेगी पवन हंस आयोजन के दौरान बुधवार को एचएएल ने पवन हंस के साथ 10 ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर बेचने के लिए करार किया है। एचएएल की तरफ से बताया गया है कि चार विमान बीएसएफ ने भी खरीदने की इच्छा जताई है। इसके साथ ही, अन्य संगठनों ने भी हेलीकॉप्टर खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। ---------------- कई बड़ी कंपनियां शामिल चार दिन तक चलने वाले शो में 20 से अधिक देशों की कंपनियां और प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। एशिया के सबसे बड़े नागरिक विमानन शो में 150 से अधिक प्रदर्शक, 200 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और तीन से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। एयर इंडिया, इंडिगो, एयरबस समेत अन्य कंपनियों ने अपने विमानों को प्रदर्शित किया है। हल्के दो सीटर से लेकर 10 सीट वाले एयरक्रॉफ्ट भी प्रदर्शनी में लाए गए हैं।

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