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पश्चिम बंगाल : कांग्रेस पर वामदलों संग गठबंधन को लेकर पुनर्विचार का दबाव

लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पर अपने फैसलों को लेकर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ गया है। चार सीट पर हो रहे...

पश्चिम बंगाल : कांग्रेस पर वामदलों संग गठबंधन को लेकर पुनर्विचार का दबाव
हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSun, 16 Jun 2024 08:00 PM
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- वामदलों के साथ गठबंधन से पार्टी को नहीं हुआ है कोई चुनावी फायदा
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पर अपने फैसलों को लेकर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ गया है। चार सीट पर हो रहे विधानसभा उपचुनाव में पार्टी एक बार फिर वामदलों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है, पर दोनों असर छोड़ने में विफल रही हैं। ऐसे में पार्टी को पश्चिम बंगाल में वजूद बचाए रखने के लिए नए विकल्पों पर विचार करना होगा।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस, वामदल और तृणमूल कांग्रेस तीनों इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। पर लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने ‘एकला चलो पर अमल करते हुए अकेले चुनाव लड़ा। जबकि कांग्रेस और वामदलों ने गठबंधन में अपनी किस्मत आजमाई। पर तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस को एक सीट मिली, जबकि वामदल अपना खाता तक नहीं खोल पाए। इससे पहले 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस और वामदल गठबंधन में चुनाव लड़े थे, पर दोनों पार्टियां अपना खाता तक नहीं खोल पाई थी। वहीं, कांग्रेस को वोट प्रतिशत में साढ़े नौ और वामदलों के वोट में करीब 15 प्रतिशत की कमी आई थी। ऐसे में कांग्रेस के अंदर अपने निर्णय पर पुनर्विचार का दबाव बढ़ रहा है। पार्टी पर नए विकल्प तलाशने का दबाव है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के इस्तीफे की पेशकश के बाद यह तय माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में जल्द नए अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमारे सामने समस्या यह है कि हम अधीर रंजन चौधरी की तरह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धुरविरोधी को एक बार फिर जिम्मेदारी सौंपे या तृणमूल के साथ टकराव को टालने की कोशिश करें। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने भले ही भाजपा को अपना पुराना प्रदर्शन दोहराने से रोकने में सफल रही हो, पर आगामी विधानसभा चुनाव आसान नहीं है। क्योंकि, इन चुनाव में करीब 130 नगर निगम और नगरपालिका परिषदों में तृणमूल कांग्रेस के मुकाबले भाजपा को अधिक वोट मिले हैं। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस पर भी दबाव है।

प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि संसद के पहले सत्र के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सभी राज्यों में प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे। पश्चिम बंगाल की समीक्षा के दौरान हार के कारणों पर विचार के साथ भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा होगी। इसके बाद ही पार्टी पश्चिम बंगाल में नए सिरे से संगठन को मजबूत करने और चुनावी गठबंधन के विकल्पों पर विचार करेगी।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का प्रदर्शन (लोकसभा चुनाव)

वर्ष 2014

सीट वोट प्रतिशत

04 09.70

वर्ष 2019

सीट वोट प्रतिशत

02 05.80

वर्ष 2024

सीट वोट प्रतिशत

01 04.70

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