
पश्चिम बंगाल में हिंसा और भ्रष्टाचार प्रमुख चुनौती : बोस
- राज्यपाल ने सुरक्षित और निष्पक्ष शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने पर जोर दिया कोलकाता,
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बुधवार को दावा किया कि हिंसा और भ्रष्टाचार राज्य की दो प्रमुख समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों को इस तरह के खतरे से मुक्त किया जाना चाहिए। बोस ने यहां यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के 68वें वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान पत्रकारों से कहा कि यह प्रमुख संस्थान अपनी अकादमिक उत्कृष्टता और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए राष्ट्र का गौरव है लेकिन उन्होंने परिसरों को अवांछित तत्वों से मुक्त रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। चुनौतियों का समाधान आवश्यक राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल इस समय दो समस्याओं हिंसा और भ्रष्टाचार का सामना कर रहा है, जिनका समाधान आवश्यक है।
हमें एक सुरक्षित और निष्पक्ष शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना होगा। परिसरों को हिंसा के खतरे से मुक्त करना होगा। इस वर्ष और 2023 में परिसर में दो स्नातक छात्रों की अप्राकृतिक मौत के बारे में पूछे जाने पर राज्यपाल ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं रहने दिया जाना चाहिए। परिसर में स्थायी पुलिस चौकी स्थापित करने के मुद्दे पर बोस ने कहा कि ऐसे मामलों का निर्णय राज्य सरकार को करना होता है। राज्यपाल अपने पद के कारण कुलाधिपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में राज्यपाल के स्थान पर मुख्यमंत्री को नियुक्त करने संबंधी विधेयक को मंजूरी न देने के सवाल पर बोस ने कहा कि राज्यपाल अपने पद के कारण कुलाधिपति बनते हैं। राष्ट्रपति ने अपनी दूरदर्शिता से यह निर्णय लिया कि इसमें कोई बदलाव करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह हर जगह, हर राज्य में लागू होता है। राष्ट्रपति के फैसले ने इन स्थापित मानदंडों की पुष्टि की है।

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