
दावोस में कल एक मंच पर इकट्ठा होंगे दुनियाभर के नेता
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की 56वीं वार्षिक बैठक 19 से 23 जनवरी, 2023 तक दावोस में होगी। इस बैठक में 3000 नेता 130 देशों से मिलकर भूराजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता, और तकनीकी परिवर्तनों पर चर्चा करेंगे। बैठक का उद्देश्य मिलकर समाधान खोजना है, जिसमें प्रमुख मुद्दे जैसे कि रोजगार, पर्यावरण, और तकनीक शामिल हैं।
भूराजनीतिक और आर्थिक बदलावों के बीच डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक दुनियाभर के 3 हजार नेता अलग-अलग मुद्दों पर करेंगे चर्चा डावोस (स्विट्जरलैंड), एजेंसी। विश्व आर्थिक मंच(डब्ल्यूईएफ) की 56वीं वार्षिक बैठक 19 जनवरी से 23 जनवरी तक दावोस में होगी। इस बैठक में 130 से ज्यादा देशों के लगभग 3000 नेता एक साथ दुनियाभर के अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भूराजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और तकनीक में बदलाव का दौर चल रहा है। बैठक का मकसद मिलकर हल ढूंढ़ना इस बैठक का उद्देश्य है मिलकर हल ढूंढना। दुनिया इस वक्त युद्ध, महंगाई और नई टेक्नोलॉजी के बदलावों से जूझ रही है।
ऐसे में सरकारें और बड़ी कंपनियां एक साथ बैठकर ऐसी योजनाएं बनाएंगी जिससे दुनिया की हालत बेहतर हो सके। ए स्पिरिट ऑफ़ डायलॉग थीम के तहत होने वाला यह सम्मेलन सरकार, व्यापार और सिविल सोसाइटी के ग्लोबल लीडर्स को एक मंच पर लाएगा ताकि उन चुनौतियों के लिए मिलकर हल ढूंढ सकें जो तेजी से दुनिया को अपनी चपेट में ले रही हैं। दुनिया के लीडर्स मिलकर इन 5 बड़ी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे: आपसी तनाव और भरोसा: देशों के बीच बढ़ते झगड़ों को कैसे कम किया जाए और एक-दूसरे पर भरोसा कैसे बनाया जाए। अर्थव्यवस्था : धीमी पड़ती वैश्विक विकास और व्यापार में आने वाली रुकावटों को कैसे दूर करें। व्यापार में टकराव भी इसका मुद्दा है। टेक्नोलॉजी और एआई: 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का सही इस्तेमाल कैसे हो ताकि यह लोगों को नुकसान न पहुंचाए और काम की क्षमता बढ़ाए। रोजगार और कौशल: बदलती हुई इंडस्ट्रीज के हिसाब से लोगों को नए स्किल्स कैसे सिखाए जाएं और नौकरियां कैसे बचाई जाएं। पर्यावरण: जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटना और सुरक्षित ऊर्जा व पानी का इंतजाम करना। बेहतर निवेश पर चर्चा दावोस 2026 में बदलाव के इंसानी पहलुओं पर जोर दिया जाएगा। जैसे-जैसे इंडस्ट्रीज का विकास होगा और तकनीक काम को नया आकार देंगी,नेता यह देखेंगे कि सरकारें और बिजनेस लोगों में बेहतर निवेश कैसे कर सकते हैं। सालाना बैठक में रिकॉर्ड स्तर पर सरकारी हिस्सेदारी देखने को मिलेगी, जिसमें लगभग 400 टॉप पॉलिटिकल लीडर्स हिस्सा लेंगे, जिनमें लगभग 65 देश और सरकार के हेड और जी7 के छह नेता शामिल हैं। कौन-कौन शामिल हो रहे? डब्ल्यूईएफ की वेबसाइट के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, और चीन के वाइस-प्रीमियर ही लिफेंग। इस बैठक में कनाडा, जर्मनी, अर्जेंटीना, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और कई यूरोपीय देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस, वर्ल्ड बैंक के अजय बंगा और आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल होंगी। नाटो के सचिव जनरल मार्क रुटे, डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस सहित अन्य संस्थाओं के अध्यक्ष इस बैठक में भाग लेंगे। व्यापार जगत के दिग्गज भी इसमें शामिल होंगे। ओपनएआई के सीईओ, एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ गूगल के सीईओ सहित बड़ी कंपनियों के नेता बैठक में भाग लेंगे।

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