
शादियों के सीजन पर टिकी व्यापारियों की नजर
संक्षेप: नई दिल्ली में शादियों का सीजन शुरू हो गया है। सीटीआई के अनुसार, नवंबर-दिसंबर में 45 लाख शादियों से 5 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। दिल्ली में 4 लाख शादियों के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होगा। जीएसटी में कटौती के बाद उपभोक्ता भारतीय उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। शादियों का सीजन शुरू हो गया है। बाजारों में चहलपहल बढ़ने के साथ कारोबारियों की नजर भी दीवाली के बाद अब इस पर टिक गई है। बाजारों में सामानों की नई खेप पहुंचने लगी है। व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने शादियों के कारण नवंबर-दिसंबर में बड़े स्तर पर कारोबार होने की संभावना जताई है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि इस बार शादियों के सीजन में देशभर में 45 लाख शादियां होने का अनुमान है। इससे देशभर में पांच लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है। दिल्ली में इस बार चार लाख शादियों होने की संभावना है, इससे करीब एक लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है।

गोयल ने कहा कि जीएसटी की दरों में कटौती के बाद उपभोक्ता के खरीद व्यवहार में परिवर्तन आया है। वह अब विदेशी सामान के मुकाबले भारतीय उत्पादों को खरीदने में दिलचस्पी अधिक दिखा रहे हैं। वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स अभियान के कारण शादियों में सजावट के सामान, गिफ्ट के आयातित उत्पाद बाजार में कम हुए हैं। स्वदेशी उत्पाद बाजार में बढ़े हैं। पारंपरिक कारीगरों, ज्वैलर्स और वस्त्र उत्पादकों को बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं। इनकी मांग अधिक साड़ियां, लहंगे, कपड़े, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली उपकरण, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सूखे मेवे, मिठाइयां, स्नैक्स, उपहार, सजावटी सामान, फूल इत्यादि की मांग अधिक रहती है। इसके अलावा कैब, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ऑर्केस्ट्रा, संगीत, लाइट और साउंड इत्यादि की भी मांग रहती है।

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