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देश के 12 राज्यों में आज से एसआईआर की शुरुआत

देश के 12 राज्यों में आज से एसआईआर की शुरुआत

संक्षेप: देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया 51 करोड़ मतदाताओं को प्रभावित करेगी और 7 फरवरी 2026 को सूची का प्रकाशन होगा। एसआईआर का उद्देश्य फर्जी मतदाताओं को हटाना और योग्य मतदाताओं को मतदान का अधिकार देना है।

Mon, 3 Nov 2025 04:39 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी। इन राज्यों में 51 करोड़ मतदाताओं की गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद सात फरवरी 2026 को सूची का प्रकाशन होगा। चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार बिहार के बाद देश में एसआईआर का ये दूसरा चरण है। 30 सितंबर को प्रकाशित हुई बिहार की अंतिम सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाताओं का नाम शामिल किया गया था। आयोग के अनुसार दूसरे चरण के एसआईआर के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुदुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

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इन 12 में से चार राज्यों तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार एसआईआर के बाद आयोग मतदाता सूची में संशोधन की घोषणा अलग से करेगा क्योंकि राज्यों में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नागरिकता सत्यापित करने की प्रक्रिया चल रही है। असम के लिए अलग से प्रक्रिया मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 27 अक्तूबर को कहा था कि 24 जून को एसआईआर के लिए जारी हुआ आदेश पूरे देश के लिए लागू होगा। विशेष परिस्थितियों के कारण ये असम में लागू नहीं होगा। इसलिए असम में एसआईआर के लिए तारीख की घोषणा बाद में होगी। एसआईआर की प्रक्रिया चार नंबर को शुरू हुई थी जो चार दिसंबर तक चलेगी। आयोग नौ दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी करेगा। आजादी के नौवां एसआईआर आयोग के अनुसार आजादी के बाद ये नौंवा एसआईआर है। इससे पहले वर्ष 2002-04 में एसआईआर की प्रक्रिया हुई थी। प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर निकालना है और योग्य मतदाताओं को मतदान का अधिकार देना है। इस प्रक्रिया के जरिए जन्मस्थान के जरिए अवैध मतदाताओं की पहचान करनी है और उन्हें मतदान प्रक्रिया से बाहर करना है। सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी एसआईआर को लेकर तमिलनाडु के कुछ राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। बिहार में जब एसआईआर की शुरुआत हुई थी तब भी विपक्षी दलों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाया था। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि जिन लोगों का संबंध इससे पहले हुए एसआईआर से नहीं है। ऐसे लोगों को आयोग के नोटिस का जवाब जरूरी दस्तावेजों के साथ देना होगा।