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हिंदी न्यूज़ NCR नई दिल्लीतीन अस्पतालों के चक्कर काटे, चौथे में बेड मिला लेकिन नहीं बच सका 26 साल का आतिश

तीन अस्पतालों के चक्कर काटे, चौथे में बेड मिला लेकिन नहीं बच सका 26 साल का आतिश

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Thu, 28 Oct 2021 07:20 PM
तीन अस्पतालों के चक्कर काटे, चौथे में बेड मिला लेकिन नहीं बच सका 26 साल का आतिश

डेंगू से 26 साल के युवक की मौत, बेटे को लेकर अस्पतालों में भटकता रहा परिवार

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

राजधानी दिल्ली के हरिनगर इलाके के रहने वाले एक 26 साल के डेंगू से संक्रमित नौजवान की मौत हो गई। दो दिन तक उसके परिजन अपने बेटे को इलाज के लिए कई अस्पतालों में भटकते रहे। हालत बहुत बिगड़ने के दो दिन बाद एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती किया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

25 अक्टूबर को रात हरि नगर निवासी कृष्ण कुमार अपने बेटे को आतिश को लेकर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुँचते हैं। वहां मरीज को 4:10 मिनट पर कुछ इंजेक्शन दिए , और फिर यह कह कर वापस भेज दिया जाता है कि बेड उपलब्ध नहीं है। जिसकी वजह से मरीज को भर्ती नहीं कर सकते है। इसके बाद द्वारका सेक्टर 3 में सुबह 5:30 बजे एक प्राइवेट अस्पताल में परिवार लेकर पहुँचा है। तब तक मरीज की हालत काफी नाज्जुक हो चुकी थी। कुछ मिनटों बाद 26 साल के लड़के की मृत्यु हो जाती है। सबसे पहले मृतक को 24 अक्टूबर को रात 10 बजे उसे दीन दयाल अस्पताल में लेकर जाते है। लेकिन, वहां के हालात बहुत खराब थे। एक बेड पर 2 से 3 मरीज थे। ऐसे में माता-पिता डर गए और डीडीयू से निकालकर जनकपुरी के माता चानन देवी अस्पताल लेकर गए। लेकिन, वहां पर भी बेड नहीं मिला। फिर, डॉ.राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। वहां पर कुछ दवाई दे कर भर्ती करने से मना कर दिया। जिसके बाद द्वारका ले गए लेकिन वे अपने बेटे को बचा नहीं पाए।

परिवार का इकलौता था

आतिश अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसने हाल ही में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। उनके एक परिजन ने बताया कि वे जब बेटे को डीडीयू अस्पताल लेकर गए थे, तो 11 हज़ार प्लेटलेट थी। अगर समय से इलाज मिल जाता तो उसे बचाया जा सकता था। इलाज न मिलने की वजह से 26 साल के नौजवान की जान चली गयी। उन्होंने बताया कि हमारे ब्लॉक में एक बार भी फॉगिंग नहीं की गयी है जबकि, निगम को पता है कि डेंगू जैसी बीमारी का सीजन है। इसके बावजूद लापरवाही की जा रही है। जिसकी वजह से डेंगू और बुखर के मरीज बढ़ते जा रहे है।

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