
अपडेट : विक्रम भट्ट ठगी के आरोपों को बताया ‘भ्रामक’
- फिल्म निर्देशक ने कहा- पुलिस को गुमराह किया जा रहा -विक्रम भट्ट पर डॉक्टर
मुंबई, एजेंसी। फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनके सहयोगियों पर उदयपुर के एक डॉक्टर ने 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप लगाया है। डॉक्टर अजय मुर्डिया का दावा है कि उन्हें फिल्मों के लिए निवेश करने के लिए लालच दिया गया। आरोप है कि फिल्मों की रिलीज के बाद 200 करोड़ रुपये कमाने का वादा किया गया था। विक्रम भट्ट ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। पुलिस को गुमराह किया जा रहा फिल्म निर्देशक का कहना है, ‘मैंने एफआईआर पढ़ी है। मुझे लगता है कि पुलिस को गुमराह किया गया है, जो बातें एफआईआर में लिखी हैं, वह बिल्कुल गलत हैं।’
विक्रम भट्ट ने यह भी कहा कि पुलिस को विश्वास दिलाने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया होगा। फिल्म निर्देशक का दावा विक्रम भट्ट ने दावा किया कि डॉक्टर ने ‘विराट' फिल्म को आधे में ही रोक दिया और टेक्नीशियन के करोड़ों रुपये अभी तक नहीं चुकाए। यह मामला यही दिखाता है कि भुगतान से बचने के लिए ऐसा किया गया है। विक्रम भट्ट ने कहा कि वह पुलिस जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे और जो तथ्य हैं, उन्हें सामने रखेंगे। धोखाधड़ी का मामला दर्ज भूपालपुरा थाने में 8 नवंबर को विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट, उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया और छह अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता डॉ. अजय मुर्डिया ने बताया कि उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से एक म्यूजिक ग्रुप के जरिए हुई। दिनेश खुद को मुंबई फिल्म उद्योग से जुड़ा बताता था। अप्रैल 2024 में डॉक्टर मुंबई स्थित एक स्टूडियो गए, जहां कटारिया ने उनकी मुलाकात विक्रम भट्ट से कराई। पुलिस के अनुसार, ‘निर्देशक ने डॉक्टर को आश्वस्त किया कि वह फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया संभालेंगे और उन्हें लगातार फंड भेजते रहने को कहा।’ डॉ. मुर्डिया का आरोप है कि इस तरह कुल 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हुई। पुलिस ने बताया कि मामले में जांच जारी है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




