‘मानवता की सेवा का माध्यम बने प्रौद्योगिकी’
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दावणगेरे में कहा कि अभियंता, वैज्ञानिक और उद्यमी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने तकनीक को मानवता की सेवा में लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रधानमंत्री मोदी की पहलों जैसे डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया का उल्लेख किया।

दावणगेरे (कर्नाटक), एजेंसी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि अभियंता, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और उद्यमी 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की उसकी आकांक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। कहा कि प्रौद्योगिकी और तकनीक को मानवता की सेवा और लाभ का माध्यम बनना चाहिए। उपराष्ट्रपति यूनिवर्सिटी बीडीटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के 75वें प्लेटिनम जुबली समारोह को संबोधित कर रहे थे। कहा कि भारत प्रतिभाशाली युवाओं की ताकत से प्रेरित बदलाव के एक नए दौर का गवाह बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलों पर जोरदार तरीके से ध्यान केंद्रित किया है।
कहा कि हम सेमीकंडक्टर उत्पादन और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं, और यह आत्मनिर्भर भारत भविष्य में दुनिया के लिए एक मिसाल कायम करेगा।
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