विकास में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना जरूरी

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भविष्य उन अर्थव्यवस्थाओं का है जो पारिस्थितिक संतुलन बनाए रख सकती हैं। उन्होंने गोवा को सतत तटीय विकास का राष्ट्रीय मॉडल और नीली अर्थव्यवस्था में नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त बताया। गोवा ने सांस्कृतिक जड़ों को बनाए रखते हुए आधुनिकता को अपनाने का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

विकास में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना जरूरी

पणजी, एजेंसी। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि भविष्य उन्हीं अर्थव्यवस्थाओं का है, जो पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हुए विकास हासिल कर सकती हैं। कहा कि गोवा में सतत तटीय विकास के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरने की क्षमता है। उपराष्ट्रपति पणजी में गोवा राज्य स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोवा उभरते हुए ब्लू इकोनॉमी (नीली अर्थव्यवस्था) क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के लिए अच्छी स्थिति में है। इस तटीय राज्य को तेजी से बदलती दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बताते हुए, उन्होंने कहा कि इसने यह साबित कर दिया है कि कोई भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों को खोए बिना और स्थानीय परंपराओं को बनाए रखते हुए आधुनिकता को अपना सकता है।

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