अपडेट:1:ईरान पैकेज::अपडेट::अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता जारी
अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता जारी है। पहले दौर की बातचीत में लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है। दूसरे दौर की वार्ता शनिवार रात या रविवार को होने की संभावना है। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

अपडेट: 1:: होर्मुज पर गतिरोध, लिखित दस्तावेजों का आदान प्रदान और दूसरे दौर की वार्ता रविवार को होने की संभावना अपडेट की गई है अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच सीधी बातचीतपहले दौर की बातचीत दो घंटे तक चली, प्रतिनिधिमंडलों ने लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान कियाफाइनेंशियल टाइम्स' का दावा, बातचीत होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर गतिरोध का शिकार हुईदूसरा दौर शनिवार की रात या रविवार को होने की संभावनाइस्लामाबाद, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को इस्लामाबाद में शुरू हुई शांति वार्ता देर रात तक जारी रही। पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से रॉयटर्स ने जानकारी दी है कि पहले दौर की बातचीत दो घंटे तक चली।
इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ।ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने बताया कि वार्ता का पहला चरण समाप्त होने पर, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों ने चर्चा के तहत आने वाले मुद्दों को रेखांकित करने वाले लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'नूरन्यूज' ने वार्ताकारों के करीबी सूत्रों का हवाला देते हुए बताया है कि बातचीत का दूसरा दौर शनिवार की रात या रविवार को होगा।दोनों देशों के बीच सीधी वार्तादोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच सीधी वार्ता हो रही है, जबकि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर, तथा ईरान की ओर से संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बातचीत दो घंटे तक चली। इसके बाद प्रतिनिधिमंडलों ने आराम के लिए ब्रेक लिया। इस दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख भी मौजूद थे। रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच वार्ता शाम 4 बजे शुरू हुई।इससे पहले, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने अलग-अलग इस्लामाबाद में पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के साथ मुलाकात की। इस दौरान ईरान ने अपनी 'रेड लाइन्स' (अंतिम शर्तें) पाकिस्तान के सामने रखीं और कहा कि वाशिंगटन को बातचीत से पहले इन्हें स्वीकार करना होगा। इन शर्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, ईरान की जब्त संपत्तियों को छोड़ना, युद्ध के मुआवजे का भुगतान और पूरे क्षेत्र में युद्धविराम शामिल था।होर्मुज पर गतिरोधब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स' ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बातचीत होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर गतिरोध का शिकार हो गई। दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पर अड़े रहे।सहमति और असहमति पर अलग-अलग दावेजैसे ही वार्ता शुरू हुई, इस बात पर अलग-अलग दावे सामने आए कि किन मुद्दों पर सहमति बनी है। एक अमेरिकी अधिकारी ने 'एक्सियोस' को बताया कि शनिवार को अमेरिकी नौसेना के कई पोत होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। लेकिन ईरानी सरकारी टीवी और एक पाकिस्तानी सूत्र ने इस बात से इनकार किया कि कोई भी अमेरिकी पोत इस जलमार्ग से गुजरा है।इससे पहले, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया था कि अमेरिका कतर और अन्य विदेशी बैंकों में जब्त की गई संपत्तियों को मुक्त करने के लिए सहमत हो गया है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी ने तुरंत इस दावे का खंडन किया।शहबाज शरीफ ने की मध्यस्थतासीधी बातचीत से पहले शनिवार की सुबह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मध्यस्थता की। ईरान लेबनान में भी युद्धविराम की मांग कर रहा है, जहां मार्च में लड़ाई शुरू होने के बाद से ईरान समर्थित हिजबुल्लाह उग्रवादियों पर इजरायली हमलों में लगभग 2,000 लोग मारे गए हैं। इजरायल और अमेरिका का कहना है कि लेबनान अभियान ईरान-अमेरिका युद्धविराम का हिस्सा नहीं है। ईरानी सरकारी टीवी के एक रिपोर्टर ने कहा कि तेहरान का प्रतिनिधिमंडल लेबनान में युद्धविराम के उल्लंघन पर चर्चा जारी रखने की उम्मीद कर रहा है।ईरान का दावा अमेरिका ने शर्तें मानीईरानी समाचार एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि अमेरिका ने बातचीत शुरू होने से पहले ईरान की शर्तें मानी हैं। जिसमें ईरानी संपत्तियों की छोड़ने और इजरायल द्वारा लेबनान पर हमलों को सीमित करने का आश्वासन शामिल है। तेहरान के एजेंडे में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार की स्वीकृति भी शामिल है, जहां उसका लक्ष्य आवाजाही के लिए शुल्क वसूलना और पहुंच को नियंत्रित करना है।ट्रिगर पर उंगली रखकर बातचीतईरानी सरकार की प्रवक्ता फातिमा मोहाजेरानी ने सरकारी टीवी पर कहा, हम ट्रिगर पर उंगली रखकर बातचीत करेंगे। हालांकि हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन हम विश्वास की कमी से भी पूरी तरह वाकिफ हैं, इसलिए, ईरान की राजनयिक टीम अधिकतम सावधानी के साथ इस प्रक्रिया में प्रवेश कर रही है।इससे पहले, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका कतर और अन्य विदेशी बैंकों में जमा जमी हुई संपत्तियों को मुक्त करने के लिए सहमत हो गया है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी ने तुरंत इस दावे का खंडन किया।शनिवार सुबह पहुंचा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलअमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह इस्लामाबाद के एयरबेस पर पहुंचा। वहां उनका स्वागत पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार ने की। 20 लाख से अधिक की आबादी वाले इस्लामाबाद में वार्ता से पहले अभूतपूर्व सुरक्षा और लॉकडाउन लगाया गया है। सड़कों पर 10 हजार अर्धसैनिक बल और सेना के जवान तैनात हैं।काले कपड़ों में ईरानी प्रतिनिधिमंडल, बच्चों के जूते और बैग लेकर गएईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार की देर रात सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और युद्ध में मारे गए अन्य ईरानियों के शोक में काले कपड़े पहनकर इस्लामाबाद पहुंचा। पाकिस्तान में लैंड करने के बाद, ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर और इस बातचीत में ईरानी लीडर मोहम्मद गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फोटो शेयर की। इस फोटो में प्लेन की सीटों पर चार बच्चों की तस्वीरें रखी दिख रही हैं। हर तस्वीर एक स्कूल बैग के ऊपर रखी है, साथ ही हर सीट पर एक सफेद फूल भी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहुंचे प्लेन का नाम मिनाब 168 रखा गया है।प्रतिनिधिमंडल सैन्य परिसर के बगल में स्थित स्कूल पर अमेरिकी बमबारी के दौरान मारे गए छात्रों के जूते और बैग साथ लेकर गए थे।1979 के बाद पहली बार सीधी बातचीतदोनों देशों के बीच 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से पहली बार उच्चतम स्तर की आमने-सामने की बातचीत हो रही। 2015 के बाद पहली सीधी बातचीत भी, जब वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक समझौते पर पहुंचे थे। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2018 में परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था।त्रिपक्षीय वार्ता चल रही: व्हाइट हाउसव्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच त्रिपक्षीय वार्ता चल रही है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहा है।अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों के समूह को दिए एक बयान में अधिकारी ने बताया कि यह त्रिपक्षीय वार्ता अमेरिका, पाकिस्तान और ईरान के बीच आमने-सामने हो रही है।सेरेना होटल में हो रही ईरान-अमेरिका की वार्ताइस्लामाबाद के लग्जरी सेरेना होटल में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर वार्ता हो रही है। यह होटल शहर के सबसे सुरक्षित इलाकों में माना जाता है।यहां आने-जाने के हर रास्ते पर कड़ी जांच की जा रही है और कई लेयर में सुरक्षा लगाई गई है।होटल प्रधानमंत्री आवास और संसद जैसे अहम सरकारी जगहों के पास है, जिससे नेताओं और अधिकारियों के लिए यहां आना-जाना आसान और सुरक्षित रहता है। यही वजह है कि बड़ी और संवेदनशील मीटिंग्स के लिए इसे चुना जाता है।बातचीत में ईरान की ओर से ये शामिलईरान के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई तीन वरिष्ठ राजनीतिक और कूटनीतिक हस्तियां कर रही हैं।-मोहम्मद बागेर गालिबफ,संसद के स्पीकर : ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में प्रभावशाली हस्ती। वही इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।-अब्बास अराघची, विदेश मंत्री: पश्चिमी देशों के साथ पिछली परमाणु वार्ताओं में शामिल रहे।-मजीद तख्त खांच, उप विदेश मंत्री-अली बाघेरी कानी, अमेरिका के साथ पिछली परमाणु वार्ताओं में केंद्रीय भूमिका निभाई।-अली अकबर अहमदीन, सर्वोच्च राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सचिव-अब्दोलनासेर हेम्मती, केंद्रीय बैंक के गवर्नर-ईरानी प्रतिनिधिमंडल में कुल मिलाकर लगभग 70 सदस्य शामिल हैं।मुख्य वार्ताकारों के अलावा, 26 सदस्य आर्थिक, सुरक्षा और राजनीतिक क्षेत्रों की तकनीकी समितियों का हिस्सा हैं, ताकि जरूरी परामर्श दिया जा सके।अमेरिका की ओर से ये शामिल-जेडी वेंस, उपराष्ट्रपति: प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे-स्टीव विटकॉफ, मध्य पूर्व दूत-जेरेड कुशनर, डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और सलाहकार-ब्रैड कूपर, सैन्य अधिकारीवेंस के दो शीर्ष सलाहकारएंड्रयू बेकर , राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारमाइकल वेंस, एशियाई मामलों के विशेष सलाहकारसंबंधित विषयों के अमेरिकी विशेषज्ञों की पूरी टीम इस्लामाबाद में मौजूद। वॉशिंगटन से अतिरिक्त विशेषज्ञ सहायता दे रहे हैं।
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