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नई दिल्ली

अपडेट ::: चोकसी की कंपनियों ने फर्जी पत्रों से बैंक के 6,344 करोड़ हासिल किए

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Wed, 16 Jun 2021 10:10 PM
अपडेट ::: चोकसी की कंपनियों ने फर्जी पत्रों से बैंक के 6,344 करोड़ हासिल किए

अपडेट ::: चोकसी की कंपनियों ने फर्जी पत्रों से बैंक के 6,344 करोड़ हासिल किए

- सीबीआई ने पीएनबी घोटाले में दाखिल पूरक आरोप पत्र में किया खुलासा

- बिना किसी पाबंदी या नकदी सीमा के ये पत्र चोकसी की कंपनी को जारी किए गए

नई दिल्ली, एजेंसी

सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में अपनी जांच में पता लगाया है कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के स्वामित्व वाली कंपनियों ने कथित रूप से फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और विदेशी साख पत्रों (फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट) का इस्तेमाल कर पीएनबी से 6,344.96 करोड़ रुपये हासिल किए। सीबीआई ने पिछले सप्ताह मुंबई में एक विशेष अदालत में पेश पूरक आरोपपत्र में ये बातें कही हैं।

जांच एजेंसी ने कहा है कि पीएनबी के कर्मचारियों ने कथित रूप से चोकसी से हाथ मिलाकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की। जांच एजेंसी के अनुसार, पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा (मुंबई) में अधिकारियों ने मार्च-अप्रैल 2017 के दौरान 165 वचन-पत्र (एलओयू) और 58 विदेशी साख पत्र (एफएलसी) जारी किए थे जिनके आधार पर 311 बिलों में छूट दी गई। बिना किसी पाबंदी सीमा या नकदी सीमा के चोकसी की कंपनियों को ये पत्र जारी किए गए। सीबीआई के पूरक आरोपपत्र में आरोप हैं, जब आरोपी कंपनियों ने कथित फर्जी एलओयू और एफएलसी के आधार पर अर्जित राशि का भुगतान नहीं किया तो पीएनबी ने विदेशी बैंकों को बकाया ब्याज समेत 6,344.96 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

बैंक को नुकसान का अंतिम आंकड़ा जांच के बाद

पीएनबी ने चोकसी पर उसके साथ 7,080 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि मामले में अभी जांच चल रही है और बैंक को हुए नुकसान का अंतिम आंकड़ा सारे एलओयू के अध्ययन व जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकता है। चोकसी पीएनबी घोटाला सामने आने से कुछ सप्ताह पहले जनवरी, 2018 में भारत से फरार हो गया था। तब से एंटीगुआ और बारबुडा में रह रहा है।

पूरक आरोप पत्र में चार नए आरोपी शामिल

सीबीआई ने इस मामले में अपने पहले आरोपपत्र में नामजद 18 आरोपियों के अलावा पूरक आरोपपत्र में चार नए आरोपियों के नाम शामिल किए हैं। इनमें गीतांजलि समूह की कंपनियों के पूर्व अंतरराष्ट्रीय प्रमुख सुनील वर्मा, पीएनबी के दो अधिकारी सागर सावंत व संजय प्रसाद और समूह के तहत आने वाले ब्रांड जिली और नक्षत्र के निदेशक धनेश सेठ हैं। चोकसी व उसकी कंपनियों के खिलाफ मामले में प्रथम आरोपपत्र दायर किए जाने के तीन साल से अधिक समय बाद पूरक आरोपपत्र ऐसे समय में दायर किया गया है जब भगोड़े हीरा कारोबारी चोकसी के खिलाफ डोमिनिका की अदालत में कानूनी कार्यवाही चल रही है।

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चोकसी के वकील ने कहा, आरोप प्राथमिकी से पहले के

चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा, तीन साल के बाद पूरक आरोपपत्र दायर किया जाना दर्शाता है कि यह केवल उन विसंगतियों को ढकने की कोशिश है जिन्हें बचाव पक्ष ने पहले आरोपपत्र में इंगित किया था। अब सबूतों को नष्ट करने के लिए आईपीसी की धारा 201 को जोड़ना कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है क्योंकि कोई दस्तावेज अदालत में दाखिल किए जाने के बाद ही साक्ष्य बनता है। आरोप प्राथमिकी से काफी पहले की अवधि के हैं।

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