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हिंदी न्यूज़ NCR नई दिल्लीअपडेट:::अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किया जाना लोगों के भले के लिए था : उपराष्ट्रपति

अपडेट:::अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किया जाना लोगों के भले के लिए था : उपराष्ट्रपति

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 08:00 PM
अपडेट:::अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किया जाना लोगों के भले के लिए था : उपराष्ट्रपति

नोट:::::सेवा ही वास्तविक धर्म है: उपराष्ट्रपति, शीर्षक से जारी खबर इसी में समाहित की गई है। इसी खबर का उपयोग करें।

-नायडू ने कहा, ऐतिहासिक विधेयक पारित होने के समय राज्यसभा की अध्यक्षता करने में प्रसन्नता हुई

- उपराष्ट्रपति ने विधेयक को सदन में पेश किए जाने से एक दिन पहले के तनाव को याद किया

नेल्लोर (आंध्र प्रदेश)। एजेंसी

उपराष्ट्रपति एम वेकैंया नायडू ने रविवार को यहां कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किया जाना देश के लोगों के भले के लिए था और उनकी जिंदगी का ऐतिहासिक पल था।

उपराष्ट्रपति ने कहा,‘बचपन से ही यह मेरे जीवन की महत्वाकांक्षा और मिशन था। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इसमें कोई अल्पविराम या प्रश्न चिह्न नहीं है। कश्मीर का एक-एक इंच भारत का है। वे समान नागरिक हैं। यह मेरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक विधेयक पारित होने के समय राज्यसभा की अध्यक्षता करने में उन्हें प्रसन्नता हुई। नायडू ने विधेयक को सदन में पेश किए जाने से एक दिन पहले के तनाव को याद किया।

उपराष्ट्रपति एसपीएस नेल्लोर जिले में वेंकटचलम में अपने स्वर्ण भारत ट्रस्ट की 20 वीं सलागिराह के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति होते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने वाले विधेयक के उल्लेख पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, नायडू ने कहा कि यह लोगों की इच्छा थी, लेकिन इन सभी वर्षों में किसी भी कारण से इसका सम्मान नहीं किया गया।

उपराष्ट्रपति ने बताया,‘विधेयक को पेश करने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे घर आए और मुझे बताया कि कश्मीर विधेयक सबसे पहले राज्यसभा में पेश किया जाएगा। मैंने उनसे कहा कि हम लोकसभा में ऐसा क्यों नहीं करते, जहां आपके पास दो-तिहाई बहुमत है। उन्होंने कहा कि वेंकैया जी, बेहतर है पहले राज्यसभा में कर लें।

सेवा ही वास्तविक धर्म है: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि सेवा ही वास्तविक धर्म है और इसके अलावा कोई भी चीज सुख प्रदान नहीं कर सकती। उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश के एसपीएस नेल्लोर जिले के वेंकटचलम में स्वर्ण भारत न्यास की 20वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। इस समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने भी शिरकत की।

उन्होंने कहा,‘कृषि हमारे देश की मूल संस्कृति है। हमें इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। पद्म पुरस्कारों का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि समाज को प्रभावित करने वाली वास्तविक प्रतिभा और जमीनी स्तर के लोगों को पहचानने में एक नई परंपरा स्थापित की गई है।

अब ये पुरस्कार लोकतांत्रिक तरीके से दिए जा रहे: शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने संबोधन में पद्म पुरस्कारों का उल्लेख किया और कहा कि अब ये पुरस्कार लोकतांत्रिक और पारदर्शी तरीके से दिए जा रहे हैं। शाह ने कहा कि गृह मंत्री के रूप में मैंने पढ़ा था कि पिछले वर्षों में पद्म पुरस्कार कैसे दिए जाते थे। बिना किसी सिफारिश के कोई पुरस्कार नहीं दिया जाता था, फिर चाहे वह विधायक, सांसद, मंत्री या मुख्यमंत्री की सिफारिश हो। लेकिन अब, कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है और पुरस्कार योग्यता के आधार पर दिए जाते हैं।

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