
पक्षियों के लिए ड्रोन से गिराए जा रहे मच्छर
संक्षेप: अमेरिका के हवाई में एक अनोखा बचाव अभियान चल रहा है, जिसमें ड्रोन की मदद से प्रयोगशाला में पाले गए नर मच्छरों को जंगलों में गिराया जा रहा है। इसका उद्देश्य हवाई के संकटग्रस्त हनीक्रीपर पक्षियों को एवियन मलेरिया से बचाना है। जलवायु परिवर्तन के कारण मच्छर ऊंचाई वाले आवासों में पहुंच रहे हैं, जिससे पक्षियों के लिए खतरा बढ़ रहा है।
हवाई, एजेंसी। अमेरिका के हवाई प्रांत में द्वीपों पर एक अनोखा बचाव अभियान चल रहा है। यहां के जंगलों में ड्रोन की मदद से हजारों मच्छर गिराए जा रहे हैं। ये साधारण मच्छर नहीं हैं, प्रयोगशाला में पाले गए नर मच्छर हैं। इन मच्छरों का उद्देश्य हवाई के मूल पक्षियों को विलुप्त होने से बचाना है। दरअसल, हवाई के प्रसिद्ध हनीक्रीपर पक्षी गंभीर संकट में हैं। इन पक्षियों की 50 से अधिक ज्ञात प्रजातियों में से केवल 17 ही बची हैं, जिनमें से ज्यादातर लुप्तप्राय हैं। इनके विलुप्त होने का सबसे बड़ा कारण है एवियन मलेरिया, जो आक्रामक मच्छरों द्वारा फैलता है।

ये मच्छर हवाई के मूल निवासी नहीं हैं। स्थानीय पक्षियों में इस बीमारी से लड़ने की क्षमता नहीं है। पहले, हनीक्रीपर ठंडे तापमान के कारण माउई और काउई जैसे द्वीपों के पहाड़ों की ऊंची जगहों पर सुरक्षित थे, जहां मच्छर पनप नहीं पाते थे। लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान बढ़ रहा है और मच्छर अब ऊंचाई वाले आवासों में ऊपर चढ़ रहे हैं। इससे पक्षियों को और भी ऊंचाई पर धकेला जा रहा है, जहां उनके लिए पर्याप्त आवास नहीं बचा है। अगर हम इस चक्र को नहीं तोड़ते हैं, तो हम अपने मधुमक्खी पालने वाले पक्षियों को खो देंगे। इसके लिए वैज्ञानिक और संरक्षणवादी लगातार नए उपाय खोज रहे हैं। ड्रोन से छोड़े गए मच्छर इन प्रयासों का एक प्रमुख हिस्सा हैं। मिशन यह सुनिश्चित करना है कि हनीक्रीपर और अन्य पक्षी सुरक्षित रहें। सफलता मिलने पर हवाई के पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय संस्कृति दोनों को संरक्षण मिलेगा।

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