'खत्म हो चुकी बैटरी का मतलब उसकी उपयोगिता समाप्त होना नहीं'
नई दिल्ली, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा कि 'थर्मल रनअवे'

नई दिल्ली, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा कि 'थर्मल रनअवे' के खतरे की वजह से सेकंड-लाइफ एलएफपी (लिथियम फेरो फॉस्फेट) बैटरी के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन जरूरी जांच, स्क्रीनिंग और मॉनिटरिंग से उनकी लाइफ सात से दस साल तक बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही पर्यावरणीय जोखिम को कम किया जा सकता है। एशिया और प्रशांत क्षेत्र संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (एस्कैप) के परिवहन अनुसंधान और नीति अनुभाग की प्रमुख कैटरिन लुगर ने एक साक्षात्कार में कहा कि ग्रिड-स्तरीय बैटरी भंडारण बिजली ग्रिड एकीकरण में सहयोग पहुंचाने का सबसे तेज तरीका है।
उन्होंने कहा कि पुन: उपयोग की गई बैटरियां उच्च मांग के दौरान बिजली प्रदान करके चरम मांग को कम कर सकती हैं और बिजली आपूर्ति को संतुलित कर सकती हैं, जिससे ग्रिड को स्थिर रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा ये सिस्टम नई बैटरियों की तुलना में ऊर्जा भंडारण लागत को 20 से 30 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं, जिससे हाशिए पर रहने वाले और वंचित समुदायों के लिए विश्वसनीय और किफायती बिजली अधिक सुलभ हो जाती है।
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