तालिबान के नए कानून पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार द्वारा लाए गए नए कानून पर चिंता व्यक्त की है, जिसमें बाल विवाह से जुड़े प्रावधान हैं। तालिबान ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह इस्लामी कानून के अनुरूप है और लड़कियों के जबरन विवाह पर पहले से ही प्रतिबंध है।

 तालिबान के नए कानून पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

काबुल, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार द्वारा लाए गए एक नए कानून पर गुरुवार को गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इसमें बाल विवाह से जुड़े प्रावधान शामिल हैं, जो महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव को और बढ़ावा देते हैं। दूसरी ओर तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से इस्लामी कानून के सिद्धांतों के अनुरूप है। उसने इस बात पर भी जोर दिया कि देश में लड़कियों के जबरन विवाह पर पहले से ही प्रतिबंध लागू है। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने एक बयान में कहा कि अफगानिस्तान के न्याय मंत्रालय ने पिछले सप्ताह पति-पत्नी के न्यायिक अलगाव पर आदेश संख्या 18 जारी किया था, जिसमें दंपति के अलग होने के नियम तय किए गए हैं।

इसके सबसे विवादास्पद प्रावधानों में कहा गया है कि यदि कोई लड़की किशोरावस्था में प्रवेश कर चुकी है, तो उसकी चुप्पी को भी विवाह के लिए उसकी सहमति माना जा सकता है।

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