
रूस यूक्रेन युद्ध: यूक्रेन को अधिक नुकसान, रूस की अर्थव्यवस्था भी दबाव में
नोट: कृप्या एचटी का लोगो लगाएं, ग्राफ के लिए एचटी का फ्लैप देखें युद्ध
नोट: कृप्या एचटी का लोगो लगाएं, ग्राफ के लिए एचटी का फ्लैप देखें युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद यूक्रेन को रूस से अधिक नुकसान झेलना पड़ा रूस और यूक्रेन के बीच यह संघर्ष कभी भी बराबरी का मुकाबला नहीं था श्रीदेव कृष्णकुमार और रोशन किशोर नई दिल्ली। फरवरी 2022 में शुरू हुआ रूस और यूक्रेन के बीच यह संघर्ष अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रह गई है। जब यह युद्ध शुरू हुआ था, तब कई विशेषज्ञों ने इसे शीत युद्ध के बाद की व्यवस्था को बचाने की लड़ाई के रूप में देखा था। लगभग चार साल बाद, डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध को अपने यूरोपीय सहयोगियों से बहुत अलग शर्तों पर खत्म करना चाहते हैं।

उनका रुख यह है कि यूरोप को इस लड़ाई में अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस युद्ध से यूक्रेन को अधिक नुकसान हुआ पर रूस की अर्थव्यवस्था भी दबाव में है। युद्ध में यूक्रेन को रूस से ज्यादा नुकसान रूस और यूक्रेन दोनों को 2022 में नुकसान का सामना करना पड़ा था। लेकिन अगर 2021 में युद्ध से पहले की जीडीपी से तुलना करें तो यूक्रेन को रूस से ज्यादा नुकसान हुआ है। आईएमएफ के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में रूस की जीडीपी उसकी 2021 की जीडीपी का 138.9% होगी, जबकि यूक्रेन की जीडीपी 104% होगी। आईएमएफ के अनुमान दिखाते हैं कि आगे चलकर रूसी अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है, जिससे पता चलता है कि यह आखिरकार चल रहे संघर्ष के बुरे असर दिखाने लगी है। नॉमिनल जीडीपी(2021 तक इंडेक्स किया गया, 100 के बराबर) रूस और यूक्रेन की जीडीपी(आंकड़े प्रतिशत में) वर्ष रूस यूक्रेन 2021 100 100 2025 138.9 104.9 2030 154.7 144.5 रूस-यूक्रेन संघर्ष कभी भी बराबरी का मुकाबला नहीं यूक्रेन रूस का मुकाबला नहीं कर सकता। दोनों देशों की लड़ाई कभी भी बराबरी का मुकाबला नहीं रही। 2021 में उसकी नॉमिनल जीडीपी रूस कीजीडीपी का 11% थी और उसका मिलिट्री खर्च रूस के जीडीपी का सिर्फ 10% था। भले ही यूक्रेन ने 2024 में अपना रक्षा खर्च जीडीपी का 34.48% कर दिया फिर भी यह रूस के मुकाबले काफी कम है। यूक्रेन आम तौर पर अमेरिका की मदद पर निर्भर रूस से लड़ाई के लिए यूक्रेन आम तौर पर अमेरिकी मदद पर निर्भर है। 2022 से यूक्रेन को मिली 365.6 अरब डॉलर की मदद में से 130.65 अरब डॉलर अकेले अमेरिका से मिले हैं। फरवरी 2025 में जब से अमेरिका ने यूक्रेन को अपनी मदद देना बंद कर दिया है, यूरोप को अपनी मदद बढ़ानी पड़ी है। यूरोप ने अक्तूबर तक 43.45 अरब यूरो दिए हैं, जो फरवरी से पहले छह महीनों में दिए गए 23 अरब यूरो से बहुत ज्यादा है। यूक्रेन की यूएस पर मदद के लिए निर्भरता ही ट्रंप के युद्ध खत्म करने के ब्लूप्रिंट को बनाती है। इसके लिए यूक्रेन को अपने इलाके का एक बड़ा हिस्सा रूस को देना होगा । रूस की अर्थव्यवस्था भी दबाव में रूस को तेल और गैस से मिलनेवाला राजस्व 2025 में कम हो गया है। जिससे घाटा बढ़ गया है और सरकार को ज्यादा टैक्स और ज्यादा घरेलू उधार लेने पर मजबूर होना पड़ा है। 2022 से यूराल्स(रूसी कच्चे तेल की कीमत), ब्रेंट के लगभग 70% पर बिक रहा है, इसलिए जब ब्रेंट गिरता है तो रूस पैसे के मामले में कमजोर हो जाता है क्योंकि डिस्काउंटेड कीमत सरकार के बजट को बैलेंस करने के लिए जरूरी कीमत से कम हो सकती है। रूसी तेल कंपनियों पर यूएस के प्रतिबंध और रूसी क्रूड ऑयल खरीदने पर भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ रूस के लिए संदेश है कि युद्ध जारी रखने से उसकी इकॉनमी और कमजोर होगी।

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