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लोकसभा में दो संशोधन विधेयक पेश

लोकसभा में शुक्रवार को प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक 2022 और नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थतम केंद्र संशोधन विधेयक पेश किए गए। प्रतिस्पर्धा संशोधन...

लोकसभा में दो संशोधन विधेयक पेश
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSat, 06 Aug 2022 02:00 AM
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- केंद्रीय कॉरपोरेट राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने संशोधन विधेयक पेश किया

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता।

लोकसभा में शुक्रवार को प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक 2022 और नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थतम केंद्र संशोधन विधेयक पेश किए गए। प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक में प्रतिस्पर्धा विरोधी करारों के कार्य क्षेत्र का विस्तार करने तथा उन्हें सुगम बनाने वाले पक्षकारों को शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है। लोकसभा में केंद्रीय कॉरपोरेट राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने संशोधन विधेयक पेश किया।

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प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक 2022

विधेयक के उद्देश्यों और कारणों में कहा गया है कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 को प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव रखने वाले व्यवहारों का निवारण करने, बाजारों में प्रतिस्पर्धा का संवर्द्धन करने एवं बनाए रखने, उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा करने तथा भारत में अन्य प्रतिभागियों द्वारा किए जा रहे व्यापार में स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने एवं उससे जुड़े विषयों को लेकर एक आयोग की स्थापना करने के लिए बनाया गया था। पिछले दशक में कारोबार के संचालन के रूप में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं। प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक 2022 में मौजूदा कई परिभाषाओं में परिवर्तन करने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रतिस्पर्धा विरोधी करारों के कार्य क्षेत्र का विस्तार और ऐसे करारों के अधीन प्रतिस्पर्धा विरोधी करार को सुगम बनाने वाले पक्षकारों को शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है।

इसमें प्रतिस्पर्धा विरोधी करारों और प्रभावशाली स्थिति के दुरुपयोग की आयोग के समक्ष सूचना पेश करने के लिए तीन वर्ष की अवधि की समय-सीमा की बात कही गई है। इसमें मुकदमेबाजी कम करने के लिए समझौता और प्रतिबद्धता ढांचे को आरंभ करने का उल्लेख किया गया है।

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नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थतम केंद्र संशोधन विधेयक

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम केंद्र संशोधन विधेयक के माध्यम से देश में संस्थानिक मध्यस्थता के लिए एक स्वतंत्र और स्वायत्त व्यवस्था सृजित करने का प्रस्ताव किया गया है। लोकसभा में विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पेश किया। इसके माध्यम से नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम् केंद्र अधिनियम 2019 में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है।

विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम केंद्र अधिनियम 2019 के माध्यम से नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थता केंद्र स्थापित करने का उपबंध किया गया है। इसके तहत देश में संस्थानिक मध्यस्थता के लिए एक स्वतंत्र और स्वायत्त व्यवस्था सृजित करने का प्रस्ताव किया है।

अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1) नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम केंद्र को राष्ट्रीय महत्व की एक संस्था घोषित करती है। फिर भी, यह अनुभव किया गया है कि केंद्र एक राष्ट्रीय महत्व की संस्था होने के बाद भी नगर केंद्रित होने का आभास देता है, जबकि यह भारत को संस्थानिक मध्यस्थता एवं अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षा को प्रतिबिंबित करने वाला होना चाहिए।

ऐसे में केंद्र के नाम को नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम केंद्र से भारत अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम में परिवर्तन करना अनिवार्य समझा गया है, जिससे इसकी पहचान राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की हो और यह अपने वास्तविक उद्देश्यों को प्रतिबिंबित करे।

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