अन्नाद्रमुक की क्रॉस वोटिंग ने दिया विजय को सहारा
अपडेट-1 नोट--- खबर से ‘अन्नाद्रमुक ने बागियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाया’ बॉक्स को हटाया

चेन्नई, एजेंसी। अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग से टीवीके सरकार ने विधानसभा में 144 मतों के साथ विश्वासमत हासिल कर लिया। विपक्ष ने शक्ति परीक्षण के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए हैं। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि टीवीके सरकार उधार के सहयोगियों के सहारे और अन्नाद्रमुक में विभाजन करके सत्ता में बनी हुई है। ज्ञात हो कि बहुमत साबित करने के दौरान पूर्व राज्य मंत्रियों एस पी वेलुमणि और सी वे षणमुगम सहित अन्नाद्रमुक के 25 विधायकों ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के समर्थन में मतदान किया। बहुमत साबित करते वक्त टीवीके के पास सदन में 105 विधायक थे।
क्रॉस वोटिंग और सरकार का समर्थन
एएमएमके के मन्नारगुडी से इकलौते विधायक एस कामराज, जिन्हें पार्टी प्रमुख टी टी वी दिनाकरन ने टीवीके का समर्थन करने के लिए 12 मई को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, ने सरकार के पक्ष में मतदान किया। विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने कहा कि उनकी सरकार पर्दे के पीछे राजनीतिक सौदेबाजी में लिप्त होने के बजाय विकास कार्यों को पूरा करने के लिए काम करेगी।
मंत्री पद के लालच में की गई क्रॉस-वोटिंग : अन्नाद्रमुक
अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने मंत्री पद के लालच में क्रॉस वोटिंग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता वेलुमणि के गुट ने विधानसभा में टीवीके का समर्थन करके पार्टी पदाधिकारियों के साथ विश्वासघात किया है।
विधानसभा सत्र के बाद बुधवार को मीडिया से बात करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि कुछ लोग कैबिनेट मंत्री पदों के वादे के लालच में आ गए और उन्होंने दूसरों को भी गलत रास्ते पर धकेल दिया। यह अवैध है और न्याय के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि भले ही टीवीके ने सरकार बना ली हो, लेकिन एआईएडीएमे ने अपने 47 विधायकों के साथ-साथ सहयोगी दलों पीएमके, भाजपा और एएमएमके के छह विधायकों के समर्थन से एक बड़ी जीत हासिल की है।
उदयनिधि ने टीवीके पर निशाना साधा
तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने बुधवार को टीवीके पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनावों में लगभग 4.93 करोड़ लोगों ने मतदान किया। इनमें से सिर्फ 1.72 करोड़ लोगों ने ही टीवीके को वोट दिया। उन्होंने दावा किया कि लगभग 65 प्रतिशत वोटरों ने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को खारिज कर दिया है₹। उदयनिधि ने नई सरकार से आग्रह किया कि वह पिछली डीएमके सरकार द्वारा शुरू की गई जन कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखे।
विधायकों की खरीद-फरोख्त से राज्य का अपमान : डीएमडीके
देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) की महासचिव और विधायक प्रेमलता विजयकांत ने बुधवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) नीत सरकार पर निशाना साधते हुए विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त को राज्य के लिए बेहद शर्मनाक करार दिया। मुख्य विपक्षी दल द्रमुक मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के विधायकों के साथ-साथ प्रेमलता ने भी विश्वास मत के दौरान सदन से बहिर्गमन किया था। प्रेमलता ने 'सरकारी विशेष अधिकारी' के रूप में रिकी राधन पंडित की नियुक्ति की भी आलोचना की और उन्हें 'राजगुरु' करार दिया।
ओएसडी के तौर पर विजय के ज्योतिषी की नियुक्ति रद्द
चेन्नई, एजेंसी। तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी-राजनीतिक) के रूप में ज्योतिषी रिकी राधन पंडित की नियुक्ति संबंधी आदेश वापस ले लिया। मंगलवार को हुई इस नियुक्ति के बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के सहयोगियों की ओर से भी इसकी तीखी आलोचना हुई थी।
इस नियुक्ति को लेकर बुधवार को विधानसभा में भी तीखी बहस हुई। डीएमडीके महासचिव प्रेमलता विजयकांत समेत विपक्षी नेताओं ने सदन में इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि एक ज्योतिषी को महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रशासनिक पद पर कैसे नियुक्त किया जा सकता है। विभिन्न पक्षों से बढ़ते दबाव और विरोध के बीच विजय सरकार ने नियुक्ति आदेश रद्द कर दिया।
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