ईरान पैकेज:::ईरान के युद्ध खत्म करने के ताजा प्रस्ताव से ट्रंप नाखुश

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ट्रंप चाहते हैं कि परमाणु मुद्दे शुरू से ही सुलझाया जाए दुबई/वाशिंगटन,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति

ईरान पैकेज:::ईरान के युद्ध खत्म करने के ताजा प्रस्ताव से ट्रंप नाखुश

ट्रंप चाहते हैं कि परमाणु मुद्दे शुरू से ही सुलझाया जाए दुबई/वाशिंगटन,एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो महीने से जारी युद्ध को सुलझाने के ईरान के नए प्रस्ताव से खुश नहीं हैं। इससे संघर्ष के समाधान की उम्मीदें कम हो गई हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को यह जानकारी दी है।ईरान के ताजा प्रस्ताव में कहा गया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा तब तक के लिए टाल दी जाए जब तक कि युद्ध (जो इस महीने की शुरुआत में घोषित संघर्षविराम के बाद रुका हुआ है) समाप्त नहीं हो जाता और खाड़ी से पोतों की आवाजाही पर विवाद नहीं सुलझ जाता।

लेकिन परमाणु समझौते में देरी को लेकर ट्रंप असंतुष्ट हैं। अधिकारी के अनुसार ट्रंप चाहते हैं कि परमाणु मुद्दों को शुरू से ही निपटाया जाए।ईरान की यह भी मांग है कि किसी भी बातचीत से पहले अमेरिकी नाकेबंदी हटाई जाए।व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि अमेरिका ने शर्तों के बारे में साफ-साफ बता दिया है,क्योंकि वह उस युद्ध को खत्म करना चाहता है।सोमवार को सलाहकारों के साथ ट्रंप की बैठक की जानकारी रखने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राष्ट्रपति चाहते हैं कि परमाणु मुद्दे को शुरुआत से ही सुलझाया जाए।राजनयिक प्रयास और गतिरोधशांति प्रयासों की उम्मीदें तब कम हो गईं जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुश्नर की मध्यस्थ देश पाकिस्तान की प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी।दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो बार इस्लामाबाद का दौरा किया। उन्होंने ओमान और सोमवार को रूस की भी यात्रा की, जहां उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और अपने पुराने सहयोगी से समर्थन का आश्वासन प्राप्त किया।एससीओ संगठन से साझा करेंगे अमेरिका की हारईरान के उप रक्षा मंत्री रेजा तलाई-निक ने मंगलवार को कहा कि तेहरान अमेरिका की हार से मिली रक्षा हथियारों की क्षमताओं और अनुभवों को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों सहित अन्य स्वतंत्र राष्ट्रों के साथ साझा करने के लिए तैयार है। इस गुट में ईरान, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान और मध्य एशियाई देश शामिल हैं।तेल की कीमतों में उछालदोनों पक्षों के बीच जारी गतिरोध के कारण तेल की कीमतों में मंगलवार को फिर से लगभग 3% की वृद्धि हुई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि व्यापारियों के लिए अब बयानबाजी नहीं, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से कच्चे तेल का वास्तविक प्रवाह मायने रखता है, जो फिलहाल बाधित है।शिप-ट्रैकिंग डाटा से पता चला है कि हाल के दिनों में अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरानी तेल से लदे कम से कम छह टैंकरों को वापस ईरान लौटने पर मजबूर होना पड़ा है।ईरान की जवाबी रणनीतिईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा कि तेहरान ने समुद्री नाकेबंदी जैसी स्थितियों के लिए 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के समय से ही तैयारी कर ली थी। उन्होंने कहा कि ईरान अब उत्तरी, पूर्वी और पश्चिमी व्यापारिक गलियारों का उपयोग कर रहा है जो खाड़ी बंदरगाहों पर निर्भर नहीं हैं, ताकि नाकेबंदी के प्रभाव को बेअसर किया जा सके।युद्ध विराम की शर्तेंईरानी अधिकारियों के अनुसार, उनके प्रस्ताव में बातचीत को चरणों में करने की योजना है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने, नाम न बताने की शर्त पर, रॉयटर्स को बताया कि अराघची की इस्लामाबाद यात्रा में जो प्रस्ताव लेकर गए थे उनमें बातचीत को अलग-अलग चरणों में करने की योजना थी। शुरुआत में परमाणु मुद्दे को अलग रखा जाना था।पहले कदम के तौर पर ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध को समाप्त करना और गारंटी देना कि इसे फिर से शुरू नहीं किया जाएगा।दूसरा कदम, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को समाप्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण ईरान को सौंपना।इसके बाद ही परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें ईरान यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार की मान्यता चाहेगा।

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