ईरान पैकेज::ट्रंप की चेतावनी, महीनों तक चल सकती है ईरान की नाकाबंदी
ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल के दाम उछले वाशिंगटन, एजेंसी।

ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल के दाम उछले
वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी महीनों तक चल सकती है। ट्रंप के इस बयान के बाद तेल की कीमतें चार साल से भी ज्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। गुरुवार को भी इसी स्तर पर बनी रहीं।
तेल कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात
तेल कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान, ट्रंप ने तर्क दिया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी बमबारी की तुलना में ज्यादा प्रभावी है।
ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का दबाव
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को एक्स पर बताया कि उसने नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे 42वें वाणिज्यिक पोत को सफलतापूर्वक वापस भेजकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
ट्रंप को युद्ध खत्म करने के लिए भारी राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। यह युद्ध उनकी अपनी पार्टी के कई समर्थकों के बीच भी अलोकप्रिय है, क्योंकि इसने अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ा दी है और अमेरिकी सहयोगियों को भी चिंतित कर दिया है।
एक्सियोस से बात करते हुए, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक कार्रवाई के बारे में कहा, वे दम घुटने का अनुभव कर रहे हैं। और उनके लिए हालात और भी बदतर होने वाले हैं।
ईरान का प्रस्ताव
बता दें कि, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर वॉशिंगटन अपनी नाकेबंदी हटा लेता है और व्यापक स्तर पर बातचीत शुरू होती है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना कड़ा नियंत्रण कम कर देगा। ट्रंप प्रशासन इस प्रस्ताव को लेकर संशय में है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने बुधवार को कहा कि देश पर अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी का मकसद फूट डालना और हमें अंदर से तोड़ देना है।
पुतिन की पेशकश
ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को फोन कॉल के दौरान, रूस के एक तीसरे देश के तौर पर काम करने की अपनी पेशकश दोहराई। यह देश ईरान के 970 पाउंड एनरिच्ड यूरेनियम को संभाल सकता है, जिसे अमेरिकी नेता ट्रंप, तेहरान से सौंपने की मांग कर रहे हैं।
ट्रंप ने बताया कि पुतिन ने उनसे कहा, वह एनरिचमेंट (संवर्धन) के काम में शामिल होना चाहेंगे। ट्रंप ने आगे कहा, मैं तो चाहूंगा कि आप यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म करने में शामिल हों। मेरे लिए, वह ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
क्रेमलिन की चेतावनी
इस बीच, क्रेमलिन ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के खिलाफ शत्रुता फिर से शुरू होती है, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को ट्रंप के साथ फोन पर ईरान युद्ध पर चर्चा की।
जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की कमी
ट्रंप ने बुधवार को नाटो सहयोगी जर्मनी के खिलाफ एक नई धमकी दी। उन्होंने संकेत दिया कि वह जल्द ही वहां अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी कम कर सकते हैं, क्योंकि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को लेकर चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ उनका विवाद जारी है।
ट्रंप ने यह धमकी तब दी जब इस हफ्ते की शुरुआत में मर्ज ने कहा था कि ईरानी नेतृत्व द्वारा अमेरिका को अपमानित किया जा रहा है और उन्होंने युद्ध में वॉशिंगटन की रणनीति की कमी की आलोचना की थी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, अमेरिका जर्मनी में सैनिकों की संभावित कटौती का अध्ययन और समीक्षा कर रहा है। इस पर फैसला अगले कुछ ही समय में ले लिया जाएगा।
जून 2020 में, ट्रंप ने घोषणा की थी कि वह जर्मनी में तैनात लगभग 34,500 अमेरिकी सैनिकों में से लगभग 9,500 सैनिकों को वापस बुलाने जा रहे हैं, लेकिन यह प्रक्रिया वास्तव में कभी शुरू नहीं हुई। डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2021 में पदभार संभालने के तुरंत बाद, सैनिकों को वापस बुलाने की इस योजना को औपचारिक रूप से रोक दिया था।
इस देश में अमेरिका की कई प्रमुख सैन्य सुविधाएं हैं, जिनमें यूएस यूरोपियन कमांड और अफ्रीका कमांड का मुख्यालय, रामस्टीन एयर बेस और लैंडस्टुहल रीजनल मेडिकल सेंटर (जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा अमेरिकी अस्पताल है) शामिल हैं।
बुधवार को, ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर अपनी धमकी पोस्ट करने से कुछ घंटे पहले, मर्ज ने कहा होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के नतीजों से जर्मनी और पूरे यूरोप को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस संघर्ष का समाधान निकाला जाना चाहिए।
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