ईरान पैकेज::डीपी:1::परमाणु वार्ता पर ग्रहण के बाद नाकेबंदी पर घमासान

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नौसैनिक नाकाबंदी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि यह नाकाबंदी महीनों तक जारी रह सकती है। ईरान ने भी पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। ट्रंप का कहना है कि नाकाबंदी, बमबारी से ज्यादा प्रभावी है। ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि नाकाबंदी का असफल होना तय है।

ईरान पैकेज::डीपी:1::परमाणु वार्ता पर ग्रहण के बाद नाकेबंदी पर घमासान

ट्रंप बोले, महीनों तक जारी रह सकती है नाकेबंदी ईरान के राष्ट्रपति की चेतावनी, नाकेबंदी का असफल होना तय

नाकेबंदी का असफल होना तय

पेजेश्यिकयन ने कहा, अवैध नौसैनिक नाकेबंदी वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा

वाशिंगटन/तेहरान, एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज खोलने के लिए ईरान की ओर से दिए प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ट्रंप ने एक्सियोस को बताया कि वह ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी तब तक नहीं हटाएंगे जब तक कि वह तेहरान के साथ देश के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई समझौता नहीं कर लेते।

प्रस्ताव ठुकराया, क्योंकि बातचीत टल जाती

ट्रंप के इस बयान के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रहा गतिरोध और गहरा गया है। एक्सियोस के अनुसार, बुधवार को फोन पर दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, नाकाबंदी, बमबारी से कहीं ज्यादा असरदार है। वे दम घुटने जैसा महसूस कर रहे हैं। और उनके लिए हालात और भी बदतर होने वाले हैं। वे परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकते।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के ईरान के हालिया प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, क्योंकि ऐसा करने से परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद के लिए टल जाती। यह नाकाबंदी ही अमेरिका और ईरान के बीच बने गतिरोध की मुख्य वजह है। इस्लामिक गणराज्य का कहना है कि जब तक नौसैनिक पाबंदियां लागू रहेंगी, तब तक वह न तो बातचीत फिर से शुरू करेगा और न ही जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा।

वहीं, ट्रंप का कहना है कि वह तब तक यह अभियान नहीं रोकेंगे जब तक ईरान शांति समझौते पर राजी नहीं हो जाता।

ट्रंप बोले, महीनों तक चल सकती है ईरान की नाकाबंदी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी महीनों तक चल सकती है। ट्रंप के इस बयान के बाद तेल की कीमतें चार साल से भी ज्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। गुरुवार को भी इसी स्तर पर बनी रहीं।

तेल कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान, ट्रंप ने तर्क किया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी बमबारी की तुलना में ज्यादा प्रभावी है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को एक्स पर बताया कि उसने नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे 42वें वाणिज्यिक पोत को सफलतापूर्वक वापस भेजकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

एक्सियोस से बात करते हुए, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक कार्रवाई के बारे में कहा, वे दम घुटने का अनुभव कर रहे हैं। और उनके लिए हालात और भी बदतर होने वाले हैं।

ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं

ईरानी अधिकारियों ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है। सरकारी टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने यह प्रण लिया है कि यदि अमेरिका अपनी नाकाबंदी जारी रखता है, तो ईरान इसका करारा जवाब देगा।

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने बुधवार को कहा कि देश पर अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी का मकसद फूट डालना और हमें अंदर से तोड़ देना है।

नाकेबंदी का असफल होना तय: ईरान के राष्ट्रपति

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसकी नौसैनिक नाकाबंदी का असफल होना तय है।

उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा गुरुवार को कहा कि पर्शियन गल्फ और होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की समुद्री संप्रभुता को कमजोर करने या किसी प्रकार की नौसैनिक पाबंदी थोपने की कोशिश वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा है।

खाड़ी दिवस पर संबोधन

पेजेश्कियन ने राष्ट्रीय फारस की खाड़ी दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि फारस की खाड़ी ईरानी राष्ट्रीय पहचान का अभन्नि स्तंभ है और यह पुराने तथा नये उपनिवेशवादियों के खिलाफ ईरान के प्रतिरोध का शक्तिशाली प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष अमेरिका-इजरायल संघर्ष की पृष्ठभूमि में दुनिया ने फिर देखा है कि विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रणनीतिक महत्व कितना गहरा है।

पेजेश्कियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस नीति की आलोचना की जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाए रखने के लिए कठोर समुद्री नियंत्रण जारी रखने की बात कही गई थी। ईरानी राष्ट्रपति ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा, किसी भी प्रकार की नौसैनिक नाकाबंदी और प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, क्षेत्रीय देशों और जनता के हितों के लिए खतरा है।

खाड़ी में असुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका की

पेजेश्कियन ने ईरानी नौसैनिक बलों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्शियन गल्फ केवल ऊर्जा आपूर्ति का मार्ग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा में ईरान की अपरिहार्य भूमिका का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फारस की खाड़ी में असुरक्षा बढ़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल पर होगी। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि समुद्री मार्गों की स्थायी सुरक्षा बाहरी शक्तियों की सैन्य उपस्थिति से नहीं, बल्कि तटीय देशों के सामूहिक सहयोग से सुनश्चिति हो सकती है। बाहरी हस्तक्षेप तनाव बढ़ाता है और स्थायी शांति को बाधित करता है।

ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का दबाव

ट्रंप को युद्ध खत्म करने के लिए भारी राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। यह युद्ध उनकी अपनी पार्टी के कई समर्थकों के बीच भी अलोकप्रिय है, क्योंकि इसने अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ा दी है और अमेरिकी सहयोगियों को भी चिंतित कर दिया है।

अमेरिका ने जोरदार हमले की तैयारी की

एक्सियोस ने तैयारियों की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि जहां एक ओर ट्रंप ने नाकाबंदी जारी रखने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने ईरान की सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए उस पर जोरदार हमले करने की योजना भी तैयार कर ली है। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें जून 2022 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, क्योंकि जलडमरूमध्य पिछले दो महीनों से प्रभावी रूप से बंद पड़ा है और इसके जल्द खुलने के कोई आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं।

सामान्य प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?
ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को ठुकराया क्योंकि ऐसा करने से परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद के लिए टल जाती।
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