अमेरिकी संसद में ईरान जंग रोकने वाला प्रस्ताव पास
अमेरिकी संसद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पास किया है। यह प्रस्ताव ट्रंप को ईरान युद्ध से पीछे हटने के लिए मजबूर करने का प्रयास है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने विपक्ष का साथ दिया। विधेयक को 47 के मुकाबले 50 मतों से पारित किया गया है।

-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी संसद में मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पास हो गया। इसका उद्देश्य ट्रंप को ईरान युद्ध से पीछे हटने के लिए मजबूर करना है।
रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन
चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी राष्ट्रपति की इच्छा के खिलाफ जाकर विपक्षी डेमोक्रेटिक सदस्यों का साथ दिया। हालांकि, तीन रिपब्लिकन सांसद मतदान में शामिल नहीं हुए। इसे राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ उनकी ही पार्टी के भीतर से उभरते असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। फरवरी के अंत में ट्रंप द्वारा ईरान पर हमला करने का आदेश दिए जाने के बाद से डेमोक्रेट सांसद बार-बार युद्ध अधिकार प्रस्तावों पर मतदान करवा रहे हैं। इन प्रस्तावों के तहत ट्रंप को या तो युद्ध के लिए कांग्रेस की सहमति लेनी होगी या फिर सैनिकों को वापस बुलाना होगा। अब तक रिपब्लिकन सांसद इन प्रस्तावों को खारिज करने के लिए पर्याप्त वोट जुटाने में सफल रहे थे, लेकिन लुइसियाना के सीनेटर बिल कैसिडी ने अपनी राय बदली और विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए निर्णायक वोट दिया। कैसिडी हाल ही में हुए प्राइमरी चुनाव में हार गए थे, जहां ट्रंप ने उनके प्रतिद्वंद्वी का समर्थन किया था।
विधेयक का पारित होना
यह विधेयक ‘वॉर पॉवर्स एक्ट’ के तहत राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई की शक्तियों को सीमित करने से जुड़ा है, जो 47 के मुकाबले 50 मतों से पारित हो गया। इस प्रक्रिया से यह बात सामने आई कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी कुछ सांसद ईरान के साथ युद्ध रोकने के पक्ष में हैं। इस विधेयक पर अंतिम मंजूरी के लिए भी मतदान होगा, हालांकि अभी यह तुरंत स्पष्ट नहीं हुआ कि उस पर मतदान कब होगा। केंटुकी से रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल, मेन की सुसैन कॉलिन्स और अलास्का की लिसा मर्कोव्स्की पहले भी ऐसे युद्ध अधिकार प्रस्तावों के समर्थन में मतदान कर चुके थे और उन्होंने मंगलवार को भी ऐसा ही किया। कैसिडी ने पहली बार इस विधेयक के पक्ष में वोट दिया। मतदान से यह भी साफ हुआ कि कुछ रिपब्लिकन नेता लंबे खिंचते युद्ध को लेकर चिंतित हैं और राष्ट्रपति के फैसलों पर सवाल उठाने लगे हैं।
ट्रंप का वीटो
अगर सीनेट में यह प्रस्ताव पारित भी हो जाता है, तो इसे रिपब्लिकन बहुमत वाले प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) से भी मंजूरी लेनी होगी। हालांकि उसके बाद भी ट्रंप इसके खिलाफ वीटो कर सकते हैं। फिर उस वीटो को रद्द करने के लिए सीनेट और हाउस दोनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए होगा, जो फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


