अपडेट::वार्ता से पहले आठ महिलाओं को रिहा करे ईरान: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से अपील की है कि वह हिरासत में ली गई आठ महिलाओं को रिहा करे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन महिलाओं की तस्वीर साझा की और कहा कि यदि वे ऐसा करते हैं, तो यह वार्ता की एक अच्छी शुरुआत होगी। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि इनमें से कुछ महिलाएं सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार हुई थीं।

अपडेट:- पूर्व में जारी खबर में नाम की जानकारी नहीं थी, ईरान का बयान भी जोड़ा गया है वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित 'इस्लामाबाद वार्ता' से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा मानवीय दांव खेला है। ट्रंप ने मंगलवार को ईरान से अपील की कि वह हिरासत में ली गई आठ महिलाओं को रिहा करे। उन्होंने सोशल मीडिया पर इन महिलाओं की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, यदि आप ऐसा करते हैं तो यह हमारी बातचीत की एक शानदार शुरुआत होगी। कृपया उन्हें कोई नुकसान न पहुंचाएं।मानवाधिकार समूहों के अनुसार, ट्रंप द्वारा साझा की गई तस्वीर में शामिल पांच महिलाओं को इस साल की शुरुआत में ईरान में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
इनमें दो किशोरियां भी शामिल हैं।इन महिलाओं में बीता हेमाती को प्रदर्शनों में शामिल होने के कारण तेहरान में मौत की सजा सुनाई गई है। वीनस हुसैन नेजाद अल्पसंख्यक बहाई समुदाय से हैं। महबूबा शबानी पर 'ईश्वर से शत्रुता' का आरोप है, जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है। दो किशोरियों की उम्र महज 16 वर्ष है। एक और महिला गुलनार नाराकी पेशे से डॉक्टर हैं, जिन्हें तेहरान से गिरफ्तार किया गया था।ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। विश्लेषकों का मानना है कि इन महिलाओं की रिहाई की मांग करके ट्रंप ने ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की है। यदि ईरान इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देता है, तो यह वार्ता के लिए एक 'गुडविल जेस्चर' साबित हो सकता है।उधर, ईरान की न्यायपालिका ने बयान जारी कर इस बात से इनकार किया है कि ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट में जिन आठ महिलाओं का जिक्र किया गया था, उन्हें मौत की सजा हो सकती है।
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