Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsTragic Nightclub Fire in Goa Claims Lives of Nine from Uttarakhand
गोवा अग्निकांड : तीन सगी बहनों समेत उत्तराखंड के नौ लोगों की मौत

गोवा अग्निकांड : तीन सगी बहनों समेत उत्तराखंड के नौ लोगों की मौत

संक्षेप:

- क्लब में जान गंवाने वालों में तीन लोग गढ़वाल और छह कुमाऊं मंडल

Dec 08, 2025 07:48 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

हल्द्वानी/देहरादून, हिन्दुस्तान टीम गोवा के एक नाइट क्लब में शनिवार रात हुए अग्निकांड में उत्तराखंड के नौ लोगों की जान चली गई। मरने वालों में पांच लोग क्लब के स्टाफ में शामिल थे जिनमें तीन गढ़वाल जबकि दो कुमाऊं मंडल से थे। हादसे में जान गंवाने वाले अन्य चार लोग मूलरूप से अल्मोड़ा के रहने वाले थे और गोवा घूमने गए थे। हादसे में जान गंवाने वालों में तीन सगी बहनें भी थीं। पौड़ी के छानी गांव निवासी 29 वर्षीय सुमित नेगी, तीन महीने पहले ही नौकरी के लिए गोवा गया था। गोवा में हादसे का शिकार बने क्लब में सुमित को शेफ का काम भी मिल गया था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

घटना वाली रात सुमित ने ‘बॉलीवुड बैंगर नाइट’ का स्टेटस लगाया था। उसने अपनी पत्नी प्रिया नेगी से रात में कॉल करने का वादा भी किया था, लेकिन फिर कॉल नहीं आया। बताया जा रहा है कि क्लब में हुए हादसे में दम घुटने से सुमित की मौत हो गई। सोमवार शाम हरिद्वार में उसका अंतिम संस्कार किया गया। क्लब हादसे में देवप्रयाग ब्लॉक के संकुल्ड गांव निवासी 24 वर्षीय जितेंद्र सिंह की भी जान चली गई। उसके पिता संता सिंह करीब आठ साल से लापता हैं। पति की गुमशुदगी से व्यथित जितेंद्र की मां रामप्यारी अब बेटे की मौत की खबर से बदहवास हैं। जितेंद्र बीते कुछ समय से ही उक्त क्लब में बतौर कर्मचारी काम कर रहा था। गोवा के अग्निकांड ने टिहरी गढ़वाल के जाखणीधार ब्लॉक के चाह गडोलिया निवासी 27 वर्षीय सतीश राणा की भी जिंदगी लील ली। राणा बीते एक साल से गोवा के नाइट क्लब में काम कर रहा था। पिछले हफ्ते ही नौकरी के लिए पहुंचे पिथौरागढ़ के गुरना क्षेत्र जमराड़ी सिमली निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र अमर सिंह बीते सप्ताह ही बेंगलुरु से गोवा नौकरी करने पहुंचे थे। पेशे से कुक सुरेंद्र चार साल जर्मनी में भी काम कर चुके थे। वीजा संबंधी दिक्कत के चलते दोबारा विदेश नहीं जा पा रहे थे और फिलहाल यहीं कार्यरत थे। गोवा में हुए हादसे ने परिवार को अनहोनी में धकेल दिया। सुरेंद्र की तीन वर्ष पहले ही शादी हुई थी। वहीं,चम्पावत जिले के नेत्र सलान निवासी मनीष सिंह महर भी हादसे में नहीं बच सके। गरीब परिवार से संबंध रखने वाले मनीष रोजगार के लिए घर छोड़ने को मजबूर थे। उनकी मृत्यु की पुष्टि रविवार को हो गई थी। तब से गांव में मातम पसरा है और दो दिन से चूल्हा तक नहीं जला है। भावना ने देखा मौत का मंजर, पति और तीन बहनों को खोया मूलरूप से अल्मोड़ा के द्वाराहाट क्षेत्र के चार लोगों की भी मौत की पुष्टि हुई है। सभी दिल्ली के करावल नगर में रहते थे और गोवा घूमने गए थे। मृतकों में विनोद कबड़वाल और उनकी पत्नी की तीन बहनें- कमला, अनीता और सरोज शामिल हैं, जबकि विनोद की पत्नी भावना हादसे में बच गईं। बताया गया कि विनोद ने पत्नी को बचाने में अपनी जान गंवा दी। कमला, साली होने के साथ ही विनोद की भाभी भी थीं, उनकी शादी विनोद के बड़े भाई से हुई थी। एक ही परिवार के चार रिश्तेदारों की मौत से द्वाराहाट और आसपास के इलाके में कोहराम मचा हुआ है। परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं।