ट्रैफिक पुलिसकर्मी को टक्कर मारने वाले बाइक सवार को दो साल की सजा

Nikhil Pathak हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कड़कड़डूमा कोर्ट ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी नारायण सिंह को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में दीपक कुमार को दो साल की सजा सुनाई है। आरोपी ने रेड लाइट जंप किया और पुलिसकर्मी के रुकने के इशारे को नजरअंदाज किया। अदालत ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत सजाएं सुनाई हैं।

ट्रैफिक पुलिसकर्मी को टक्कर मारने वाले बाइक सवार को दो साल की सजा

नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा कोर्ट ने ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में दोषी दीपक कुमार को दो साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमार रजत की अदालत ने पाया कि आरोपी ने रेड लाइट जंप करने के बाद पुलिसकर्मी के रुकने के इशारे को नजरअंदाज किया और अपनी मोटरसाइकिल से सीधे उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में पुलिसकर्मी नारायण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी चालान मशीन भी टूट गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 17 मार्च 2019 की है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी नारायण सिंह ड्यूटी पर तैनात थे और वाहनों के चालान काट रहे थे।

उसी दौरान आरोपी ने ट्रैफिक सिग्नल तोड़ा और रोकने के बावजूद तेज रफ्तार में पुलिसकर्मी को टक्कर मार दी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 333 के तहत दो साल की सख्त कैद और आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा धारा 353 के तहत छह महीने और धारा 186 के तहत एक महीने की सजा भी दी गई है। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

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लेखक के बारे में

Nikhil Pathak

शॉर्ट बायो: निखिल पाठक एक प्रतिबद्ध और तथ्यपरक पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट मीडिया में 6.5 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ में कार्यालय संवाददाता के रूप में कोर्ट, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और स्पोर्ट्स बीट कवर कर रहे हैं। उनकी रिपोर्टिंग का फोकस न्याय, जवाबदेही और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर रहता है।

परिचय
निखिल पाठक नई दिल्ली में आधारित एक सक्रिय पत्रकार हैं, जो न्यायपालिका, पर्यावरणीय नियमन और खेल जगत से जुड़े विषयों पर गहन और संतुलित रिपोर्टिंग करते हैं। उन्होंने 1984 सिख विरोधी दंगा मामलों के कोर्ट ट्रायल व सजा पर फैसले, जमीन के बदले नौकरी घोटाला, आईआरसीटीसी घोटाला और अदालतों के आंकड़ों पर आधारित कई प्रमुख खबरों की कवरेज की है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में प्रदूषण, भूजल दोहन, जलाशयों के संरक्षण और पर्यावरणीय जवाबदेही से जुड़े मामलों पर भी उनकी विस्तृत रिपोर्टिंग रही है।

करियर का सफर
निखिल पाठक ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2019 में अमर उजाला के साथ की। अमर उजाला की चंडीगढ़ यूनिट में वह डेस्क पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने खबरों के संपादन, पेज मेकिंग और डेस्क से जुड़े अन्य कार्यों की गहन समझ विकसित की। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्होंने दैनिक जागरण में बतौर संवाददाता कार्यभार संभाला। दैनिक जागरण के पूर्वी दिल्ली कार्यालय में रहते हुए उन्होंने डीडीए, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, आरडब्ल्यूए और धर्म-कर्म जैसी बीटों पर काम किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी मुद्दों, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़े कई रोचक और प्रभावी समाचार लिखे।फरवरी 2025 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ जॉइन किया। एचटी मीडिया के साथ उनका एक वर्ष का अनुभव है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
निखिल ने एमए (जर्नलिज्म) तथा बैचलर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (बीजेएमसी) की पढ़ाई की है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और फील्ड अनुभव का संयोजन उन्हें कानूनी, पर्यावरणीय और खेल विषयों को तथ्यात्मक व सरल भाषा में प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।

रिपोर्टिंग विजन
निखिल का मानना है कि कोर्ट और एनजीटी से जुड़े फैसले केवल कानूनी दस्तावेज नहीं होते, बल्कि वे सीधे समाज, शासन और आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी और पर्यावरणीय मुद्दों को पाठकों के लिए सरल, सटीक और विश्वसनीय रूप में प्रस्तुत करना है।

विशेषज्ञता
कोर्ट रिपोर्टिंग (ट्रायल, सजा, महत्वपूर्ण आदेश)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी)— प्रदूषण, भूजल दोहन, जलाशय संरक्षण
आंकड़ों पर आधारित न्यायिक रिपोर्टिंग
स्पोर्ट्स कवरेज

व्यक्तिगत रुचियां
संगीत, लेखन और बैडमिंटन

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