
एक करोड़ का इनामी हिडमा समेत छह नक्सली ढेर
आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले में सुरक्षा कर्मियों के साथ मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली कमांडर माडवी हिडमा और उसकी पत्नी सहित छह नक्सली मारे गए। मुठभेड़ में दो एके-47, एक पिस्तौल और अन्य हथियार बरामद किए गए। हिडमा की मौत को नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी शीर्ष कमांडर माडवी हिडमा और उसकी पत्नी समेत छह नक्सली मंगलवार को मारे गए। मुठभेड़ आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले में हुई। अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल एकमात्र आदिवासी सदस्य हिडमा के सिर पर केंद्र और विभिन्न राज्यों ने कुल करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। इसमें से 50 लाख का इनाम अकेले केंद्र ने रखा था। हिडमा कई नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था। उसकी मौत को छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद के ताबूत में आखिरी कील करार दिया है। अल्लूरी सीतारामराजू जिले के एसपी अमित बरदार ने बताया कि मुठभेड़ सुबह साढ़े छह से सात बजे के बीच मरेदुमिल्ली मंडल के जंगली इलाके में हुई।
मारे गए लोगों में दो महिला नक्सली भी हैं। उन सभी की पहचान हिडमा, उसकी पत्नी मदकम राजे, देवे, लकमल (चैतू), मल्ला (मल्लालु) और कमलू (कमलेश) के रूप में की गई है। हथियार बरामद मौके से दो एके-47 राइफल, एक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर और बंदूक, कई इलेक्ट्रिकल और नॉन-इलेक्ट्रिकल डेटोनेटर, फ्यूज वायर, सात किट बैग और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। अधिकारी के अनुसार कुछ नक्सली मुठभेड़ स्थल से भागने में सफल रहे। उनकी तलाश जारी है। छत्तीसगढ़ से आंध्र प्रदेश भाग रहे थे आंध्र प्रदेश के खुफिया विभाग के एडीजीपी महेश चंद्र लड्डा ने बताया कि सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ में लगातार दबाव के कारण नक्सलियों के कुछ गुट आंध्र प्रदेश पहुंचकर अपने आंदोलन को पुनर्जीवित करने की योजना बना रहे हैं। इसी के मद्देनजर पुलिस द्वारा उनकी गतिविधियों पर कड़ी और निरंतर नजर रखने के क्रम में मुठभेड़ हुई। हिडमा का दस्ता सबसे खतरनाक छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के एक गांव का मूल निवासी हिडमा की उम्र और उसका रूप-रंग इस साल की शुरुआत में उसकी तस्वीर सामने आने तक पहेली बना रहा। अधिकारियों ने बताया कि वह कई वर्षों से नक्सलियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की बटालियन नंबर-एक का नेतृत्व कर रहा था, जो दंडकारण्य में सबसे खतरनाक नक्सली दस्ता है। दंडकारण्य बस्तर के अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में फैला हुआ है। 31 नक्सलियों की गिरफ्तारी भी एडीजीपी लड्डा ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में आंध्र प्रदेश के एनटीआर, कृष्णा, काकीनाडा, एलुरु जिलों में पुलिस की कड़ी निगरानी के कारण प्रतिबंधित संगठनों के 31 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें नौ केंद्रीय समिति के सदस्य देवजी के सुरक्षा गार्ड रह चुके हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




