तृणमूल स्पीकर को समय देना चाहती थी

Feb 10, 2026 08:10 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव पर दस्तखत नहीं किए, जो बंगाल चुनाव से जुड़ा माना जा रहा है। पार्टी खुद को अलग रखते हुए सियासी नैरेटिव बनाने में जुटी है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव अंतिम उपाय है, लेकिन पहले विपक्ष को एक साथ आकर स्पीकर से अपील करनी चाहिए थी।

 तृणमूल स्पीकर को समय देना चाहती थी

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस के दस्तखत नहीं करने को बंगाल चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़ी नहीं दिखना चाहती। वह खुद को फ्रंट पर रखकर अपने इर्द-गिर्द सियासी नैरेटिव रखने की कवायद में जुटी है। जबकि मौजूदा विवाद में राहुल गांधी लीड करते हुए दिख रहे थे। पिछले कई दिनों से राज्यसभा में भी टीएमसी अपनी अलग लाइन पर चलती दिखी। वह कांग्रेस के साथ वॉकआउट में भी शामिल नहीं हुई। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने अविश्वास प्रस्ताव पर पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि यह आखिरी हथियार है।

ब्रह्मास्त्र को शुरू में इस्तेमाल करने के बजाय विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष को एक साझा पत्र लोकसभा स्पीकर को सौंपकर उनसे अपील करनी चाहिए थी। स्पीकार को दो तीन दिन का समय देना चाहिए था। अगर स्पीकर नहीं सुनते तो अविश्वास प्रस्ताव का रास्ता तो था ही। फिलहाल, टीएमसी की रणनीति से विपक्षी कुनबा बिखरा हुआ नजर आया।

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