Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsTMC and BJP Clash in Lok Sabha Over Bengali Language Controversy
लोकसभा में तृणमूल और भाजपा में नोकझोंक

लोकसभा में तृणमूल और भाजपा में नोकझोंक

संक्षेप:

- बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेश नहीं भेजा जा सकता: तृणमूल - यह तथ्यात्मक

Dec 05, 2025 11:14 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। यह विवाद तब शुरू हुआ जब टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने आरोप लगाया कि बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेश भेजा जा रहा है। साथ ही कहा कि भाषा के आधार पर ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती। शून्यकाल में मुद्दा उठाते हुए रॉय ने ओडिशा से एक व्यक्ति को बांग्लादेश भेजे जाने के मामले का जिक्र किया और अपनी बात बंगला भाषा में रखी। सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे कृष्ण प्रसाद तेनैटी ने जब रॉय से अपनी मांग स्पष्ट करने को कहा, तो वह बोलती रहीं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

निर्धारित समय समाप्त होने पर उनका माइक बंद कर दिया गया। उनके बाद जब भाजपा सांसद जुगल किशोर बोलने लगे तो रॉय अपनी सहकर्मी टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के साथ उनके आसन तक पहुंच गईं और उनके माइक में बोलने लगीं। तेनैटी ने रॉय से अपनी सीट पर लौटने की अपील की और कहा कि यह उनकी जगह नहीं है। इस दौरान भाजपा सांसद जगदंबिका पाल को नाराज टीएमसी सांसदों को शांत करने की कोशिश करते देखा गया। जब भाजपा सांसद संबित पात्रा की बारी आई, तो उन्होंने रॉय के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। यह झूठ है। ओडिशा ने प्राचीन काल से ही सभी राज्यों को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम किया है। बंगाली भाषी लोग हमारे भाई हैं। हम उन्हें अपना मानते हैं, लेकिन न ओडिशा सरकार और न ही ओडिशा के किसी सांसद या विधायक के दिल में घुसपैठियों—बांग्लादेशी या रोहिंग्या—को जगह देने की कोई इच्छा है।