तब प्रेम का इजहार फूलों से नहीं बालों के गुच्छे से होता था
18वीं और 19वीं सदी के आयरलैंड में प्यार जताने का यह तरीका था बालों को

18वीं और 19वीं सदी के आयरलैंड में प्यार जताने का यह तरीका था बालों को कभी न खत्म होने वाली निशानी मानते थे डबलिन, एजेंसी। आज के समय में जब हम किसी को तोहफा देने के बारे में सोचते हैं, तो दिमाग में फूल, चॉकलेट या गहनों का ख्याल आता है, लेकिन 18वीं और 19वीं सदी के आयरलैंड में प्यार जताने का एक ऐसा तरीका था, जो आज हमें थोड़ा अजीब या डरावना लग सकता है। उस दौर में लोग एक-दूसरे को अपने ‘बालों का गुच्छा’ याद के तौर पर दिया करते थे। इतिहासकारों के अनुसार, उस समय बालों को खास और ‘कभी न खत्म होने वाली’ निशानी माना जाता था।
शरीर का यह हिस्सा उसकी मृत्यु के बाद भी लंबे समय तक सुरक्षित रहता है, इसलिए बालों का एक गुच्छा देने का मतलब था ‘हमेशा रहने वाला प्यार’। आज से अलग दौर : उस समय आज की तरह फोटो या डिजिटल मैसेज नहीं होते थे। ऐसे में बालों की लटों को सहलाकर या सूंघकर लोग अपने साथी की कमी को महसूस करते थे। इन बालों को तकिये के नीचे रखकर सोते थे, ताकि उन्हें अपने जीवनसाथी के सपने आ सकें। गहनों में सजावट और रिवाज : बालों को केवल कागज में लपेटकर नहीं रखा जाता था। महिलाएं अक्सर अपने बालों की सुंदर चोटियां गूंथकर और उन्हें रिबन से सजाकर अपने जीवनसाथी को देती थीं। कई बार इन बालों को सोने या चांदी के लॉकेट, अंगूठी या ब्रोच के पीछे जड़वा दिया जाता था, ताकि उन्हें हर वक्त अपने दिल के करीब पहना जा सके। उपहारों के इस लेन-देन का एक सामाजिक नियम भी था, जैसे शर्ट या कपड़े : इन्हें दोस्ती का प्रतीक माना जाता था। दस्ताने : इन्हें शादी के वादे से जोड़कर देखा जाता था। ब्रेकअप : अगर किसी का रिश्ता टूट जाता था, तो समाज की उम्मीद होती थी कि वे एक-दूसरे के बाल और अन्य तोहफे वापस कर दें। कागज, रिबन या लॉकेट : बाल की छोटी-छोटी लटों को सुरक्षित रखने के लिए लोग उन्हें कागज, रिबन या छोटे लॉकेट में रखकर पहनते थे। यह परंपरा हमें बताती है कि पुराने समय में प्यार और अपनापन दिखाने के लिए लोग कितनी सूक्ष्म और व्यक्तिगत चीजों का इस्तेमाल करते थे, जो आज की डिजिटल दुनिया में शायद हमें अजीब लगे। यादों का गुच्छा : बालों का हर गुच्छा या चोटी उस व्यक्ति की याद, प्यार और व्यक्तिगत कहानी को दर्ज करता था। कई बार लोग इन बालों को कलेक्शन की तरह इकट्ठा करते, ताकि वे अपने पुराने रिश्तों की महत्वपूर्ण घटनाओं को याद रख सकें। आज भले ही हम वैलेंटाइन डे पर टेडी बियर या कार्ड देते हों, लेकिन इतिहास हमें याद दिलाता है कि प्यार जाहिर करने के तरीके समय के साथ बदलते रहते हैं। ये बालों वाले तोहफे हमें बताते हैं कि प्यार हमेशा से बहुत व्यक्तिगत और गहरा अहसास रहा है। बॉक्स - रॉबर्ट टेनेंट की अनोखी कहानी बेलफास्ट के रॉबर्ट जेम्स टेनेंट का एक ‘हेयर आर्काइव’ मिला है, जिसने इतिहासकारों को हैरान कर दिया। उसके संग्रह में बालों की 14 अलग-अलग लटें थीं, जिनमें से हर एक पर उस महिला का नाम और तारीख लिखी थी। उसने अपनी शादी के बाद भी इन पुरानी यादों को संजोकर रखा हुआ था।
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