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राजनेता बेमतलब की याचिकाएं दाखिल करने के हो रहे आदी - कोर्ट

अदालत ने दिल्ली नगर निगम वार्ड नंबर-13, मल्कागंज से पार्षद गुड्डी देवी के निर्वाचन को सही ठहराया है। अदालत पार्षद पर लगे फर्जी जाति प्रमाणपत्र के इस्तेमाल के आरोप को बेबुनियाद बताया। अदालत ने कहा कि राजनेता बेमतलब की याचिकाएं दाखिल करने के आदी हो रहे हैं।

तीस हजारी स्थित अतिरिक्त जिला न्यायाधीश एसपीएस ललेर की अदालत ने याचिकाकर्ता और बसपा की उम्मीदवार बीना जाटव की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने मल्कागंज से कांग्रेस पार्षद गुड्डी देवी को विजयी प्रत्याशी घोषित करते हुए कहा कि अदालतों में लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि इन्हें साबित करने के लिए उनके पास पुख्ता आधार नहीं होता। 

अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में भी याचिकाकर्ता प्रतिद्वंदी उम्मीदवार बीना जाटव ने महीनों बाद विजयी उम्मीदवार के निर्वाचित को चुनौती दी और फिर भी उनके पास पुख्ता आधार नहीं पाए गए। 

185 दिन की देरी से याचिका दायर

26 अप्रैल 2017 को निगम चुनाव हुए थे। मल्कागंज निगम सीट अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित थी। यहां से कांग्रेस उम्मीदवार गुड्डी देवी विजयी हुईं, जबकि बसपा उम्मीदवार बीना जाटव 1350 मतों से हार गईं। हालांकि, उन्होंने विजयी उम्मीदवार के निर्वाचन को 17 नवंबर 2017 को अदालत में चुनौती दी। 

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  • Web Title:The lawmaker is addicted to filing baseless petitions says court in Delhi