ईरान संकट गहराया, समर्थन और विरोध में बंटी अंतरराष्ट्रीय राजनीति
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। दुनिया के कई देशों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता को मारने की घोषणा की, जबकि रूस और चीन ने सैन्य कार्रवाई की आलोचना की। भारत ने भी इस पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

टोक्यो/नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव गहरा गया है। इस घटनाक्रम पर सोमवार को विश्व के प्रमुख देशों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। जहां कुछ देशों ने सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया, वहीं कई ने इसकी आलोचना करते हुए तत्काल वार्ता और संयम बरतने की अपील की। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने की घोषणा करते हुए इसे ‘ईरानी लोगों के लिए अपने देश को वापस लेने का सबसे बड़ा मौका’ बताया। दूसरी ओर रूस, चीन और स्पेन ने हमलों की कड़ी आलोचना की।
रूस के विदेश मंत्रालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र के एक संप्रभु सदस्य देश के खिलाफ पूर्व नियोजित और बिना उकसावे का आक्रमण बताया। चीन ने सैन्य कार्रवाई रोकने और तत्काल संवाद शुरू करने की अपील की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्ज ने संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका और ईरान से वार्ता बहाल करने का आग्रह किया। स्पेन के प्रधानमंत्री ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए तत्काल तनाव कम करने और बातचीत शुरू करने की अपील की। यूरोपीय संघ ने भी संयम और कूटनीति पर जोर दिया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन और सऊदी अरब के नेताओं से बातचीत कर उनके क्षेत्रों पर हुए हमलों की निंदा की और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि ईरान क्षेत्र में अस्थिरता का प्रमुख स्रोत है। वहीं, ओमान ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया, हालांकि उसके विदेश मंत्री ने कूटनीतिक रास्ते खुले होने की बात कही। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच अधिकांश देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक समाधान को ही स्थायी रास्ता बताया है। -- अरब लीग ने ईरान की जवाबी कार्रवाई की निंदा की ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अन्य प्रतिष्ठानों पर मिसाइल हमले किए हैं। 22 सदस्यीय अरब लीग और खाड़ी देशों ने ईरान द्वारा पड़ोसी देशों पर हमलों की निंदा की और उन्हें तत्काल रोकने की मांग की। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, ओमान और बहरीन के विदेश मंत्रियों ने रविवार को डिजिटल माध्यम से एक आपातकालीन बैठक की। --- किन देशों का क्या रुख रूस: हमले को ‘बिना उकसावे का आक्रमण’ बताया। चीन: सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत शुरू करने की अपील। कनाडा/ऑस्ट्रेलिया: अमेरिकी कार्रवाई का खुला समर्थन। ओमान: अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप, पर कूटनीति के लिए दरवाजे खुले बताए। यूरोपीय देश: परमाणु सुरक्षा और संवाद पर जोर।
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