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टाटा मोटर्स की 39 साल बाद सेंसेक्स से विदाई संभव

टाटा मोटर्स की 39 साल बाद सेंसेक्स से विदाई संभव

संक्षेप:

टाटा मोटर्स फिर से शेयर बाजार सूचकांक सेंसेक्स से बाहर होने के खतरे में है। कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण दो अलग-अलग इकाइयों में बंटने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सेंसेक्स में बने रहने के लिए न्यूनतम बाजार पूंजीकरण 2 लाख करोड़ रुपये होना चाहिए, लेकिन टाटा मोटर्स इसे पूरा नहीं कर पा रही है।

Nov 18, 2025 10:51 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। टाटा मोटर्स पर एक बार फिर शेयर बाजार सूचकांक सेंसेक्स से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। सेंसेक्स की शुरुआत से ही कंपनी का शेयर इसका प्रमुख हिस्सा रहा है। लेकिन टाटा मोटर्स का कुल बाजार पूंजीकरण दो अलग-अलग कंपनियों में बंटने से यह स्थिति बन गई है। इस पर अगले महीने फैसला हो सकता है। गौरतलब है कि इस साल अक्तूबर में टाटा मोटर्स का विभाजन हुआ है। इसके तहत कंपनी दो अलग-अलग सूचीबद्ध इकाइयों में बंट गई है। इनमें पहली है टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड, जिसके पास यात्री और ईवी वाहनों का कारोबार है।

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इसका मौजूदा बाजार पूंजीकरण 1.37 लाख करोड़ रुपये है। वहीं, दूसरी कंपनी टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड है, जिसके पास ट्रक, बस आदि का कारोबार है। इस कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1.19 लाख करोड़ रुपये है। मौजूदा स्थिति में सेंसेक्स में बने रहने के लिए न्यूनतम बाजार पूंजीकरण करीब दो लाख करोड़ रुपये होना चाहिए। लेकिन टाटा मोटर्स इस शर्त को पूरा नहीं कर पा रही है। इससे कंपनी का सेंसेक्स से बाहर निकलना तय माना जा रहा है। 19 दिसंबर को जारी होगी नई सूची बीएसई दिसंबर में सेंसेक्स 30 में शामिल शेयरों की समीक्षा करेगा और नई सूची 19 दिसंबर को जारी होगी। माना जा रहा है कि टाटा मोटर्स की जगह देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ले सकती है। इसका बाजार पूंजीकरण 2.27 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा आदित्य बिड़ला ग्रुप की ग्रासिम इंडस्ट्रीज अपनी जगह बना सकती है। सेंसेक्स का इतिहास सेंसेक्स की शुरुआत 1 जनवरी 1986 को हुई थी। इसके 30 शेयरों में से केवल तीन शेयर ही लगातार इसमें बने हुए हैं। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी शामिल हैं। साथ ही लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी बने हुए हैं। हालांकि, ये कई बार अंदर-बाहर हुए हैं। टाटा मोटर्स इससे पहले दिसंबर 2019 में भी सेंसेक्स से बाहर हुई थी और दिसंबर 2022 में इसे फिर से इंडेक्स में जगह मिली थी।