अध्ययन: 36 सालों में स्तन कैंसर के मामलों में 500 प्रतिशत की वृद्धि
वाशिंगटन विश्वविद्यालय के जनसंख्या स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत में स्तन कैंसर के बढ़ते मामले चुनौती बनते जा रहे हैं। साल 1990 के बाद देश में स्तन कैंसर के मामलों में लगभग 500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, इससे होने वाली मौतों में 352 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वाशिंगटन विश्वविद्यालय के जनसंख्या स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र (आईएचएमई) के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन के अनुसार, भारत में साल 2023 में स्तन कैंसर के लगभग 2.03 लाख मामले दर्ज किए गए, जो 1990 की तुलना में लगभग 477 प्रतिशत अधिक हैं। इसी अवधि में इस बीमारी से एक लाख से अधिक मौतें हुईं, जो तब की तुलना में 352.3 प्रतिशत अधिक है।
वैश्विक स्तर पर भी इसमें भारी वृद्धि देखी गई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, साल 2050 तक वैश्विक स्तर पर स्तन कैंसर के मामलों की संख्या बढ़कर 35 लाख तक पहुंच सकती है, जबकि 2023 में यह संख्या 23 लाख थी। इस दौरान मौतों का आंकड़ा 44 प्रतिशत बढ़कर लगभग 13.7 लाख होने का अनुमान है। इस अध्ययन को 'द लैंसेट ऑन्कोलॉजी' शोध-पत्र ने प्रकाशित किया है। - संतुलित जीवनशैली ही विकल्प अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर और समय से पहले मृत्यु के एक-चौथाई से अधिक मामलों को रोका जा सकता है। इसके लिए धूम्रपान से बचना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, लाल मांस का सेवन कम करना और संतुलित वजन बनाए रखना अहम कदम माने गए हैं।
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