
आईएसआईएस से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालत गठित करने पर विचार करे सरकार:एससी
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को 2021 के एक ISIS मामले में प्रतिदिन सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित करने का निर्देश दिया। इस मामले में मोहम्मद हिदायतुल्लाह पर आरोप है कि उसने आतंकवादी समूह की विचारधारा का प्रचार किया और भर्ती के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल किया। कोर्ट ने देरी पर चिंता जताई।
नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से कहा कि वे एनआईए की जांच वाले वर्ष 2021 के एक मामले में प्रतिदिन सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित करने पर विचार करें। इस मामले में एक व्यक्ति के आईएसआईएस से संबंध होने का आरोप है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ मोहम्मद हिदायतुल्लाह की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर आरोप है कि उसने भारत में आतंकवादी समूह की विचारधारा का प्रचार करने और अन्य व्यक्तियों की भर्ती करने के लिए टेलीग्राम समूहों का इस्तेमाल किया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मुकदमे में अत्यधिक देरी से आरोपी की ओर से यह वैध दलील दी जा सकती है कि उसे लंबे समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, वह भी बिना सुनवाई के।
पीठ ने सरकार और एनआईए की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से एक सप्ताह के भीतर इस मामले में विशेष अदालत गठित करने के बारे में जानकारी देने को कहा। इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने एक अलग मामले में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को विशेष कानूनों के तहत मामलों के लिए अदालतें नहीं बनाने के लिए फटकार लगाई थी और कहा था कि मुकदमे की कार्यवाही में देरी के कारण अदालतों को आरोपियों को जमानत देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




