Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsSupreme Court Suggests Hybrid Solution for Supertech s Supernova Project Amid Bankruptcy Proceedings
सुपरनोवा परियोजना के लिए भी बने समाधान तंत्र

सुपरनोवा परियोजना के लिए भी बने समाधान तंत्र

संक्षेप:

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा स्थित सुपरटेक रियल्टर्स की सुपरनोवा परियोजना के लिए आम्रपाली और यूनिटेक की तर्ज पर हाइब्रिड समाधान तंत्र अपनाने का सुझाव दिया। न्याय मित्र ने रिपोर्ट में नए निदेशक मंडल की...

Fri, 12 Sep 2025 10:18 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

सुप्रीम कोर्ट को नोएडा स्थित सुपरटेक रियल्टर्स की सुपरनोवा परियोजना पूरा करने के लिए आम्रपाली और यूनिटेक की तर्ज पर एक हाइब्रिड समाधान तंत्र अपनाने का सुझाव दिया गया। शीर्ष अदालत के पूर्व जज जस्टिस नवीन सिन्हा की अध्यक्षता में यह तंत्र बनाने का सुझाव न्याय मित्र की ओर से दिया गया। जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष परियोजना की दिवालियापन कार्यवाही से संबंधित मामले में सहायता कर रहे अधिवक्ता राजीव जैन ने बताया कि घर खरीदारों सहित सभी हितधारकों ने अदालत की निगरानी में समाधान प्रक्रिया में विश्वास जताया। अदालत को न्याय मित्र की 721 पृष्ठों की रिपोर्ट में सुपरटेक रियल्टर्स के एक नए निदेशक मंडल और एनबीसीसी की तरह एक परियोजना प्रबंधन सलाहकार की नियुक्ति का सुझाव दिया गया।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

न्याय मित्र राजीव जैन ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि एनसीएलटी द्वारा नियुक्त अंतरिम समाधान पेशेवर को बदला जाना चाहिए क्योंकि कई महीने पहले उनकी नियुक्ति के बावजूद, वह कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में नहीं ले पाएं। दिल्ली-एनसीआर की सबसे ऊंची इमारत दिवालियापन की कार्यवाही का सामना कर रही सुपरटेक रियल्टर्स, संकटग्रस्त रियल्टी दिग्गज सुपरटेक लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। इस कंपनी का नोएडा के सेक्टर-94 में आवासीय, वाणिज्यिक, कार्यालय स्थान, स्टूडियो अपार्टमेंट, सर्विस अपार्टमेंट और शॉपिंग सेंटर सहित एक मिश्रित उपयोग वाली रियल एस्टेट परियोजना ‘सुपरनोवा निर्माणाधीन परियोजना है। यह 300 मीटर ऊंची दिल्ली-एनसीआर की सबसे ऊंची इमारत है। समाधान तंत्र के लिए इन नामों का सुझाव रिपोर्ट में समाधान तंत्र की गहन निगरानी और उन्हें बार-बार अदालत आने से बचाने के लिए सशक्त बनाने हेतु शीर्ष अदालत के किसी पूर्व जज या हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का सुझाव दिया गया। कोर्ट में इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज नवीन सिन्हा और जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एम.एम. कुमार, एनसीएलटी के पूर्व अध्यक्ष और एनएचआरसी के पूर्व सदस्य का नाम सुझाया। प्रवर्तक को नियंत्रण से हटाने का सुझाव सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि यदि जरूरी हो तो प्रवर्तक/अपीलकर्ता को नियंत्रण से हटा दिया जाना चाहिए तो उनकी भूमिका केवल तकनीकी सहयोग तक सीमित हो सकती है। इसके अलावा, प्रमुख प्रबंधन कर्मियों को भी किसी भी समाधान तंत्र का हिस्सा नहीं होना चाहिए। खातों का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए कोर्ट में पेश रिपोर्ट में सुपरटेक रियल्टर्स और उसकी मूल कंपनी सुपरटेक लिमिटेड के खातों का एक प्रतिष्ठित संस्था द्वारा फोरेंसिक ऑडिट कराने का भी सुझाव दिया। न्याय मित्र ने कहा कि परियोजना को पूरा करने के लिए अपनाई जाने वाली समाधान प्रक्रिया के मॉडल को लेकर घर खरीदारों की राय विभाजित थी।