सीएसआर में पर्यावरणीय जिम्मेदारी का समावेश जरूरी: सुप्रीम कोर्ट
- सीएसआर को पर्यावरणीय जिम्मेदारी से अलग नहीं किया जा सकता - सुप्रीम कोर्ट ने

- अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 51ए(जी) के तहत मूल कर्तव्य का दिया हवाला नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) को कॉरपोरेट पर्यावरणीय जिम्मेदारी से अलग नहीं किया जा सकता और कंपनियां पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र के अन्य जीवों की अनदेखी कर खुद को सामाजिक रूप से जिम्मेदार नहीं कह सकतीं। जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस ए. एस. चांदुरकर की पीठ ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए। यह प्रजाति राजस्थान और गुजरात में गैर-नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के संचालन के कारण खतरे में है। अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 51ए(जी) के तहत वन, झीलों, नदियों और वन्यजीवों समेत प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा एवं संवर्धन करना तथा सभी जीवों के प्रति करुणा रखना प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है।
पीठ ने कहा, सीएसआर निधि इस कर्तव्य की मूर्त अभिव्यक्ति है, इसलिए पर्यावरण संरक्षण के लिए धन का आवंटन स्वैच्छिक दान नहीं, बल्कि एक संवैधानिक दायित्व की पूर्ति है। पीठ ने कहा कि यह प्रावधान इस सिद्धांत को संहिताबद्ध करता है कि कॉरपोरेट लाभ केवल शेयरधारकों की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि उसका एक हिस्सा उस समाज का भी है, जो इस लाभ को संभव बनाता है। यह आदेश पर्यावरणविद् एम. के. रंजीतसिंह द्वारा 2019 में दायर याचिका पर सुनाया गया, जिसमें गोडावण के संरक्षण के लिए कदम उठाए जाने का अनुरोध किया गया है। एक निगम समाज की एक इकाई है पीठ ने कहा, अब निदेशकों पर यह कानूनी दायित्व है कि वे न केवल सदस्यों के लिए, बल्कि कंपनी, उसके कर्मचारियों, शेयरधारकों, समुदाय और पर्यावरण संरक्षण के सर्वोत्तम हित में सद्भावना से कार्य करें। इसमें कहा कि यह महत्वपूर्ण विस्तार इस तथ्य को स्वीकार करता है कि एक निगम समाज की एक इकाई है और उसकी सामाजिक जिम्मेदारी उसके कार्यों से प्रभावित होने वाले व्यापक समुदाय के प्रति भी है। अदालत ने कहा, राजस्थान और गुजरात के प्राथमिक और गैर-प्राथमिक क्षेत्रों में कार्यरत गैर-नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादकों को यह सदैव ध्यान रखना चाहिए कि वे ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के साथ पर्यावरण साझा करते हैं और उन्हें यह सोचकर काम करना चाहिए कि वे उसके आवास में अतिथि हैं।
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