निराधार जनहित याचिकाएं दायर न करें युवा वकील : सीजेआई
सुप्रीम कोर्ट ने निकाय संबंधी लापरवाही के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए निर्देश जारी करने की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने युवा वकीलों को सलाह दी कि वे केवल मीडिया प्रचार के लिए जनहित याचिकाएं दायर न करें और अपने पेशे पर ध्यान केंद्रित करें।

सुप्रीम कोर्ट ने निकाय संबंधी कथित लापरवाही के कारण होने वाली मौतों को रोकने के लिए निर्देश जारी किए जाने संबंधी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने सोमवार को कहा कि युवा अधिवक्ताओं को केवल मीडिया प्रचार पाने के लिए जनहित याचिकाएं दायर नहीं करनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एक युवा वकील को सलाह दी कि वह वकालत के शुरुआती वर्षों में पेशे पर ध्यान केंद्रित करे और कानून तथा मसौदा तैयार करने के कौशल सीखे। सीजेआई ने कहा कि इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने पेशे पर ध्यान दें, मीडिया में इस तरह की बातें आना बंद होना चाहिए, खासकर उन लोगों के लिए जो इस पेशे में गंभीरता से आगे बढ़ना चाहते हैं।
मैं इन मामलों में बहुत रूढ़िवादी और दृढ़ हूं। दफ्तरों में काम करने, कानून सीखने के बजाय, आप निराधार याचिकाएं तैयार कर रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि आप सोशल मीडिया पर छा जाएंगे। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह अस्पष्ट और व्यापक दावों से भरी है, जिसमें ऐसे निर्देश मांगे गए हैं, जिनका पालन करना मुश्किल है। जनहित याचिका पर विचार करने का कोई कारण नहीं है।
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