
खराब हेयरकट पर हर्जाना घटाकर ₹25 लाख किया
सुप्रीम कोर्ट ने मॉडल को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने के एनसीडीआरसी के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मॉडलिंग असाइनमेंट या फिल्म रोल से नुकसान साबित करने में मॉडल असफल रही है। कोर्ट ने 25 लाख रुपये को अंतिम मुआवजा माना। यह विवाद 2018 में खराब हेयरकट के बाद शुरू हुआ था।
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मॉडल को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। जस्टिस राजेश बिंदल और मनमोहन की बेंच ने फैसला सुनाया कि शिकायतकर्ता मॉडलिंग असाइनमेंट, फिल्म रोल या बाल कटवाने की वजह से होने वाले किसी भी ठोस नुकसान को साबित करने में नाकाम रही है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि पहले के कोर्ट के आदेशों के अनुसार उसे पहले ही दिए गए 25 लाख ही अंतिम मुआवजा रहेगा। कैंची से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, एक फाइव-स्टार होटल में हेयरकट को लेकर सात साल पुराना विवाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के 2 करोड़ रुपये के मुआवज़े को घटाकर 25 लाख रुपये करने के साथ खत्म हो गया।
कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल में खराब हेयरकट के बाद कॅरियर के मौकों के नुकसान का आरोप लगाने वाली एक मॉडल को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि उसके दावे भरोसेमंद और मान्य सबूतों से साबित नहीं होते हैं। यह विवाद 12 अप्रैल, 2018 का है, जब आशना रॉय हेयरकट करवाने के लिए आईटीसी मौर्या के सैलून में गई थीं। सर्विस से नाखुश होकर, उन्होंने एनसीआरडीसी में शिकायत की, जिसमें उन्होंने सर्विस में कमी और लापरवाही का आरोप लगाया था।

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