खराब हेयरकट पर मुआवजा ₹2 करोड़ से घटाकर ₹25 लाख किया
एक फाइव-स्टार होटल में हेयरकट को लेकर सात साल पुराना विवाद खत्म हुआ नई

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मॉडल को ₹2 करोड़ का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। जस्टिस राजेश बिंदल और मनमोहन की बेंच ने फैसला सुनाया कि शिकायतकर्ता मॉडलिंग असाइनमेंट, फिल्म रोल या बाल कटवाने की वजह से होने वाले किसी भी ठोस नुकसान को साबित करने में नाकाम रही है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि पहले के कोर्ट के आदेशों के अनुसार उसे पहले ही दिए गए ₹25 लाख ही अंतिम मुआवजा रहेगा। कैंची से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, एक फाइव-स्टार होटल में हेयरकट को लेकर सात साल पुराना विवाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के ₹2 करोड़ के मुआवज़े को घटाकर ₹25 लाख करने के साथ खत्म हो गया।
कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल में खराब हेयरकट के बाद कॅरियर के मौकों के नुकसान का आरोप लगाने वाली एक मॉडल को ₹2 करोड़ का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि उसके दावे भरोसेमंद और मान्य सबूतों से साबित नहीं होते हैं। विवादित आदेश रद्द करते हुए जस्टिस बिंदल द्वारा लिखे गए फैसले में आईटीसी मौर्या की याचिका यह देखते हुए स्वीकार की गई कि ₹5 करोड़ से अधिक के मुआवजे की मांग केवल दस्तावेजों की फोटोकॉपी पेश करने से साबित नहीं की जा सकती।
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