दुष्कर्म पीड़िता की टुकड़ों में हुई गवाही पर शीर्ष कोर्ट नाराज
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की निचली अदालत में दुष्कर्म पीड़िता की गवाही में हुई देरी पर सवाल उठाया। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन ने कहा कि निचली अदालत को इस मामले...

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की एक निचली अदालत में दुष्कर्म पीड़िता की 'टुकड़ों-टुकड़ों में' हुई गवाही पर आपत्ति जताई। अदालत ने सवाल किया कि आखिर क्यों उसकी गवाही चार महीने तक स्थगित की गई। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि निचली अदालत और मामले में अभियोजन एजेंसी सीबीआई को इस संबंध में स्पष्टीकरण देना होगा। पीठ को बताया गया कि कथित पीड़िता गवाह के रूप में कठघरे में पेश हो चुकी है और अपनी गवाही दर्ज करा रही है। निचली अदालत ने उससे आगे की पूछताछ के लिए 18 दिसंबर की तारीख तय की है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीठ ने कहा कि आगे की जिरह के लिए समय देकर निचली अदालत ने अनजाने में आरोपी को अभियोजन पक्ष के गवाहों से छेड़छाड़ करने का मौका दिया है। इसने कहा कि इसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गंभीर चिंता का विषय है। शीर्ष कोर्ट सीबीआई द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा पिछले साल सितंबर में इस मामले के एक आरोपी को जमानत देने के आदेश को चुनौती दी गई है।
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