पूर्व जज वाली समिति करेगी छत्तीसगढ़ बार चुनाव की जांच
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है, जो छत्तीसगढ़ राज्य बार काउंसिल चुनाव में गड़बड़ी की जांच करेगी। यह चुनाव 30 सितंबर, 2025 को हुआ था। बीसीआई ने इस मामले में उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप पर सवाल उठाया है। समिति को दो सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने पूर्व न्यायाधीश सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय समिति को छत्तीसगढ़ राज्य बार काउंसिल चुनाव में गड़बबड़ी और अनियमितताओं के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया। लगभग 11 साल के अंतराल के बाद आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य बार काउंसिल चुनाव 2025 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस चुनाव के लिए मतदान 30 सितंबर, 2025 को हुआ। वरिष्ठ अधिवक्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को बताया कि बीसीआई ने हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में याचिका स्थानांरित कराने के लिए अर्जी दायर की है।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद राज्य हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप किया। दरअसल, हाइकोर्ट ने बीसीआई अध्यक्ष मिश्रा द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य बार काउंसिल के पदाधिकारियों के चुनाव स्थगित करने के आदेश पर सवाल उठाया और बीसीआई से इस निर्णय का आधार स्पष्ट करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस धूलिया की अध्यक्षता वाली अपनी उच्च-स्तरीय चुनाव पर्यवेक्षी समिति चुनावी अनियमितताओं की जांच करने और दो सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि जस्टिस धूलिया समिति के खर्च बार काउंसिल ऑफ इंडिया वहन करेगी। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट में लंबित याचिका को निपटाते हुए कहा कि राज्य बार काउंसिल चुनावों में कोई भी हाईकोर्ट हस्तक्षेप न करे क्योंकि सुप्रीम कोर्ट स्वयं इसकी निगरानी करता है।
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