
केरल : मुख्यमंत्री-राज्यपाल सहमति बनाएं, वरना अदालत फैसला लेगी
सुप्रीम कोर्ट ने केरल में दो विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच सहमति न बनने पर हस्तक्षेप करने की बात कही। कोर्ट ने दोनों पक्षों को गतिरोध समाप्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने दो विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति मामले पर कहा नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि केरल में दो विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के चयन को लेकर अगर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच सहमति नहीं बनने पर वह मामले में हस्तक्षेप करेगा। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और डिजिटल विज्ञान नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपतियों की नियुक्ति से संबंधित मामले पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता को गतिरोध समाप्त करने के लिए सर्वसम्मति से कोई समाधान खोजने का निर्देश दिया।
दूसरी ओर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्यपाल ने कुलाधिपति (चांसलर) के रूप में राज्य के दो तकनीकी विश्वविद्यालयों के लिए कुलपतियों (वीसी) की नियुक्ति के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि मैंने नामों की लिस्ट राज्य सरकार के दखल के तौर पर नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर दी थी, लेकिन राज्यपाल ने मेरे द्वारा दी गई लिस्ट में दिए गए नामों पर विचार नहीं किया।

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