‘गिरफ्तारी के समय अधिकारियों ने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया’
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनके पति को हिरासत में लेने वाले अधिकारियों ने विवेक का सही इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने बताया कि वांगचुक को हिरासत के आधार के लिए चार वीडियो नहीं दिए गए, जो उनके प्रभावी प्रतिनिधित्व के अधिकार का उल्लंघन है। सुनवाई 13 जनवरी को जारी रहेगी।

जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उनके पति को हिरासत में लेने वाले अधिकारियों ने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया और अप्रासंगिक सामग्री पर भरोसा जताया। गीतांजलि ने शीर्ष अदालत को बताया कि वांगचुक को वे चार वीडियो नहीं उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके आधार पर अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया था। उन्होंने इसे प्रभावी प्रतिनिधित्व के वांगचुक के अधिकार का उल्लंघन बताया। गीतांजलि की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ से कहा कि वीडियो उपलब्ध न कराया जाना, सलाहकार बोर्ड के साथ-साथ सरकार के समक्ष प्रभावी प्रतिनिधित्व करने के वांगचुक के अधिकार का उल्लंघन है।
मामले की सुनवाई 13 जनवरी को जारी रहेगी। एसएसपी की सिफारिशों को आगे बढ़ा दिया सिब्बल ने दलील दी कि जिलाधिकारी ने वांगचुक की हिरासत की सिफारिश करते समय विवेक का इस्तेमाल नहीं किया और लद्दाख के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की ओर से की गई सिफारिशों को ‘हूबहू’ आगे बढ़ा दिया। अप्रासंगिक चीजों को आधार बनाया गया उन्होंने कहा कि हिरासत के लिए बताया गया आधार सिफारिश की नकल भर है। जिन तथ्यों पर भरोसा जताया गया, उनका हिरासत आदेश से सीधा संबंध होना चाहिए। हिरासत के लिए अप्रासंगिक चीजों को आधार बनाया गया। भाषण का मकसद हिंसा को बढ़ावा देना नहीं था इससे पहले, गीतांजलि ने शीर्ष अदालत में दलील दी कि लेह में उनके पति की ओर से दिए गए भाषण का मकसद हिंसा को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि उसे शांत करना था। उन्होंने कहा कि वांगचुक को अपराधी के रूप में चित्रित करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




