पुणे पोर्शे हादसे में नाबालिग के पिता को जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में पुणे में हुई पोर्शे कार दुर्घटना के मामले में आरोपी नाबालिग के पिता को जमानत दे दी है। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हुई थी। आरोपी पर नाबालिग के रक्त के नमूने बदलने की साजिश रचने का आरोप है। अदालत ने कहा कि वह पिछले 22 महीनों से जेल में है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में पुणे में पोर्शे कार दुर्घटना मामले में आरोपी नाबालिग के पिता को मंगलवार को जमानत दे दी। दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने विशाल अग्रवाल को जमानत दे दी, जिन पर कार में सवार लोगों को 'निल अल्कोहल' रिपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए नाबालिग के रक्त के नमूने बदलने की साजिश रचने का आरोप है। शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले में सह-आरोपियों को राहत दी गई है और आरोपी पिछले 22 महीनों से जेल में है। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता पिछले 22 महीनों से जेल में है।
अपीलकर्ता ने जमानत के लिए मामला बनाया है। सुनवाई अदालत द्वारा लगाए गए नियमों और शर्तों के अधीन जमानत दी जाती है। घटना 19 मई, 2024 की है, जब पुणे के कल्याणी नगर इलाके में कथित तौर पर शराब के नशे में 17 वर्षीय लड़के द्वारा चलाई जा रही पोर्श कार ने दो आईटी पेशेवरों को कुचल दिया था।
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